सागर जिले में एक और दर्दनाक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर दिया। मोतीनगर थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक तेज रफ्तार ट्रक ने 25 वर्षीय युवक को रौंद दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सागर-खुरई मार्ग पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। हालात को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासन को मौके पर पहुंचना पड़ा, जिसके बाद देर रात समझाइश के बाद जाम खुल सका।
मंडी से लौटते वक्त हुआ हादसा
मृतक की पहचान बिहारीपुरा निवासी अजय अहिरवार (25) के रूप में हुई है। वह स्थानीय कृषि उपज मंडी में काम करता था और रोज की तरह मंगलवार रात करीब 10:30 बजे काम खत्म कर अपने घर लौट रहा था।
बताया जा रहा है कि जब वह ग्राम गढ़ौली खुर्द के पास सागर-खुरई मार्ग से गुजर रहा था, तभी तेज गति से आ रहे एक ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अजय उछलकर सड़क पर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया।

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए घायल युवक को तत्काल भाग्योदय अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल और घटनास्थल पर जुट गए।
हादसे के बाद भड़का गुस्सा, सड़क पर उतरे ग्रामीण
घटना से नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने सागर-खुरई मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। उन्होंने सड़क पर पत्थर रखकर आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस मार्ग पर लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 6 फरवरी को भी इसी स्थान पर एक बड़ा हादसा हुआ था। उस समय प्रशासन ने यहां स्पीड ब्रेकर बनाने का आश्वासन दिया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी लापरवाही के कारण एक और युवक की जान चली गई।

पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
चक्काजाम की सूचना मिलते ही मोतीनगर थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझाने की कोशिश की और उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद रात लगभग 12 बजे ग्रामीणों ने जाम खत्म किया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका।
हादसों की बढ़ती संख्या बनी चिंता
सागर-खुरई मार्ग पर लगातार हो रहे हादसे अब एक गंभीर समस्या बनते जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और सुरक्षा उपायों की कमी के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेत और नियमित पुलिस पेट्रोलिंग जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव इस मार्ग को और अधिक खतरनाक बना रहा है।
प्रशासन की जिम्मेदारी और जनता की मांग
इस घटना के बाद एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते स्पीड ब्रेकर बना दिया जाता, तो शायद इस हादसे को टाला जा सकता था।
लोगों ने मांग की है कि:
- दुर्घटनास्थल पर तुरंत स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं
- सड़क पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं
- रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जाए
- तेज रफ्तार वाहनों पर सख्ती से कार्रवाई हो
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार ट्रक चालक की तलाश की जा रही है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
यह हादसा केवल एक व्यक्ति की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सिस्टम की लापरवाही और सड़क सुरक्षा की अनदेखी का नतीजा है। एक युवा की असमय मौत ने पूरे इलाके को शोक में डाल दिया है।
जरूरत है कि प्रशासन इस घटना को गंभीरता से ले और जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े। साथ ही आम नागरिकों को भी सड़क पर सतर्कता और नियमों का पालन करना चाहिए, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है।