दमोह। जिले के तेजगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत देवरी जमादार गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब खेत में ककड़ी तोड़ रहे दो सगे भाई आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए। इस घटना में 23 वर्षीय नारायण सिंह लोधी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका बड़ा भाई 26 वर्षीय संजय सिंह लोधी गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे की है। देवरी जमादार गांव निवासी नारायण सिंह लोधी और उसका भाई संजय सिंह लोधी रोज की तरह सुबह-सुबह अपने खेत पर ककड़ी तोड़ने पहुंचे थे। दोनों भाई फसल को मंडी ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और आसमान में बादल गरजने लगे। इससे पहले कि दोनों भाई सुरक्षित स्थान पर पहुंच पाते, तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली सीधे उनके ऊपर गिर गई।

बिजली गिरने की आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग और परिजन मौके की ओर दौड़े। जब वे खेत पहुंचे तो देखा कि दोनों भाई जमीन पर अचेत अवस्था में पड़े थे। घटना की सूचना तुरंत परिवार के अन्य सदस्यों को दी गई, जिसके बाद उन्हें जल्दबाजी में उठाकर जिला अस्पताल दमोह ले जाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद नारायण सिंह लोधी को मृत घोषित कर दिया। वहीं संजय सिंह लोधी की हालत गंभीर देखते हुए उसे तत्काल उपचार के लिए भर्ती किया गया। डॉक्टरों की टीम उसकी जान बचाने के प्रयास में जुटी हुई है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, संजय के शरीर पर बिजली गिरने के गहरे प्रभाव दिखाई दे रहे हैं और उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इस हृदयविदारक घटना से परिवार में मातम पसर गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक नारायण सिंह लोधी परिवार का मेहनती सदस्य था और खेती-किसानी के कार्यों में सक्रिय रूप से लगा रहता था। दोनों भाई ककड़ी की फसल तैयार होने के बाद उसे दमोह मंडी ले जाने की योजना बना रहे थे, लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।
घटना में एक मोबाइल फोन भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिसे परिजन अपने साथ अस्पताल लेकर पहुंचे। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिजली गिरने का प्रभाव कितना तीव्र था। ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के मौसम में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन इतनी नजदीक से हुई यह घटना पूरे गांव को झकझोर कर रख गई है।
घटना की सूचना मिलते ही तेजगढ़ थाना पुलिस भी जिला अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शव को पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल के शव गृह में रखा गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिए जाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। आमतौर पर इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं में मृतक के परिजनों को शासन द्वारा मुआवजा राशि प्रदान की जाती है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द सहायता दी जाए, ताकि वे इस दुख की घड़ी में कुछ राहत पा सकें।

यह घटना एक बार फिर इस बात की चेतावनी देती है कि खराब मौसम के दौरान खेतों या खुले स्थानों पर काम करना कितना खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब भी आसमान में बिजली चमकने और गरजने की स्थिति बने, तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए और खुले खेतों, पेड़ों या ऊंचे स्थानों से दूर रहना चाहिए।
देवरी जमादार गांव में इस घटना के बाद शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने मृतक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए घायल संजय के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और प्रशासन पीड़ित परिवार की सहायता के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।