छतरपुर में दर्दनाक हादसा: तालाब में डूबने से दो मासूम दोस्तों की मौत, गांव में छाया मातम !

Spread the love

छतरपुर। जिले के ईशानगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सलैया में बुधवार को एक हृदयविदारक हादसा सामने आया, जहां तालाब में नहाने गए दो मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई। इस घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। एक साथ दो बच्चों की असमय मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व संवेदना का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सलैया गांव निवासी 13 वर्षीय प्रिंस अहिरवार (पिता राधाचरण अहिरवार) और 13 वर्षीय अभी अहिरवार (पिता हल्ले भाई अहिरवार) बुधवार को अपने घर से पास के तालाब में नहाने के लिए गए थे। दोनों बच्चे आपस में अच्छे मित्र थे और अक्सर साथ ही समय बिताते थे। बताया जा रहा है कि उस समय उनके साथ कोई वयस्क मौजूद नहीं था।

नहाने के दौरान दोनों बच्चे धीरे-धीरे तालाब के गहरे हिस्से में चले गए। पानी की गहराई का अंदाजा न लग पाने के कारण वे संतुलन खो बैठे और डूबने लगे। चूंकि आसपास तत्काल कोई मदद के लिए मौजूद नहीं था, इसलिए वे खुद को बचा नहीं पाए और पानी में डूब गए।

जब काफी देर तक दोनों बच्चे घर नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने आसपास के इलाकों में उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान जब वे तालाब के पास पहुंचे, तो वहां कुछ संदिग्ध स्थिति दिखाई दी। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से तालाब में तलाश की गई और कुछ समय बाद दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया।

परिजन और ग्रामीण बिना देर किए दोनों बच्चों को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में जैसे ही इस घटना की जानकारी फैली, हर तरफ शोक की लहर दौड़ गई।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंच गया। तहसीलदार दुर्गेश तिवारी सहित अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

ईशानगर थाना प्रभारी मनोज गोयल ने बताया कि दोनों बच्चों के शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए, जिनका बुधवार शाम को अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस मामले की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।

इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। दोनों बच्चे अपने-अपने परिवार के लाड़ले थे और उनकी अचानक मौत से हर कोई स्तब्ध है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन इसके बावजूद तालाबों के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के तालाबों और जलाशयों के आसपास सुरक्षा उपाय किए जाएं। जैसे कि गहरे पानी वाले क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, बैरिकेडिंग की जाए और बच्चों को वहां जाने से रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए।

विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को जल स्रोतों के पास अकेले जाने से रोकना बेहद जरूरी है। अभिभावकों को भी अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए, खासकर गर्मी के मौसम में जब बच्चे नहाने के लिए तालाब या नदी की ओर आकर्षित होते हैं।

यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। यदि समय रहते सावधानी बरती जाए और बच्चों को सुरक्षित रखा जाए, तो इस तरह के हादसों को रोका जा सकता है।

फिलहाल, सलैया गांव में गमगीन माहौल है और हर कोई इन मासूम बच्चों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहा है। वहीं प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह इस घटना से सबक लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *