भोपाल के ऋषिपुरम में शराब दुकान के खिलाफ उबाल: 26 दिन से धरना, 5 दिन में हटाने की मांग, उग्र आंदोलन की चेतावनी !

Spread the love

भोपाल। राजधानी भोपाल के अवधपुरी क्षेत्र स्थित ऋषिपुरम में शराब दुकान को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। यहां के रहवासी पिछले 26 दिनों से लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और अब उन्होंने आंदोलन को उग्र रूप देने की चेतावनी दी है। रहवासियों का कहना है कि यदि अगले 5 दिनों के भीतर शराब दुकान को यहां से नहीं हटाया गया, तो करीब 10 हजार लोग सड़कों पर उतरकर बड़ा प्रदर्शन करेंगे।

यह विवाद 80 फीट रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास संचालित हो रही शराब दुकान को लेकर है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस दुकान के कारण इलाके का माहौल खराब हो रहा है और यहां अपराधों में बढ़ोतरी हुई है। रहवासियों के अनुसार, दुकान के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे क्षेत्र में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।

स्थानीय निवासी रमन तिवारी ने बताया कि पिछले एक वर्ष से इस शराब दुकान को हटाने की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब यह दुकान पहली बार यहां खोली गई थी, तब भी लोगों ने विरोध जताया था, लेकिन आबकारी विभाग ने उनकी मांगों को नजरअंदाज कर दिया। अब एक बार फिर से दुकान को यहीं संचालित करने की अनुमति दी जा रही है, जिससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया है।

रहवासियों ने आरोप लगाया कि शराब दुकान के चलते महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ गया है। उनका कहना है कि यहां से गुजरने वाली महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इसके अलावा आए दिन झगड़े, मारपीट और अन्य आपराधिक घटनाएं भी बढ़ गई हैं, जिससे आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।

प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि वे पिछले 26 दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे हैं, लेकिन अब तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उनकी समस्या सुनने के लिए नहीं पहुंचा है। इस अनदेखी से नाराज होकर अब उन्होंने आंदोलन को तेज करने का फैसला लिया है।

गुरुवार को रहवासियों ने मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए साफ कहा कि प्रशासन को 5 दिन का समय दिया जा रहा है। यदि इस अवधि में शराब दुकान को अन्य स्थान पर शिफ्ट नहीं किया गया, तो वे उग्र प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरेंगे और यदि इस दौरान कानून-व्यवस्था बिगड़ती है, तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

रहवासियों का यह भी कहना है कि उन्होंने कई बार लिखित और मौखिक रूप से शिकायतें की हैं, लेकिन हर बार उनकी मांगों को टाल दिया गया। उनका आरोप है कि आबकारी विभाग जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है और केवल राजस्व को प्राथमिकता दे रहा है।

इस पूरे मामले ने अब प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। एक तरफ जहां राजस्व से जुड़ा मामला है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों की सुरक्षा और सामाजिक माहौल का मुद्दा भी गंभीर है। यदि समय रहते कोई समाधान नहीं निकाला गया, तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

फिलहाल, क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मुद्दे को कैसे संभालता है और क्या रहवासियों की मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई की जाती है या नहीं।

यह मामला सिर्फ एक शराब दुकान का नहीं, बल्कि शहरी क्षेत्रों में बढ़ते सामाजिक तनाव और प्रशासनिक संवेदनशीलता का भी प्रतीक बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस विवाद का क्या परिणाम निकलता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *