मध्य प्रदेश के सागर जिले में परिवहन विभाग ने नियमों का उल्लंघन कर सड़कों पर दौड़ रही यात्री बसों और अन्य वाहनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) के नेतृत्व में चलाए गए विशेष चेकिंग अभियान में 7 बसों पर विभिन्न नियमों के उल्लंघन के चलते कार्रवाई की गई, जबकि एक यात्री बस का पंजीयन निरस्त कर उसे स्क्रैप (कबाड़) करने का आदेश तक जारी कर दिया गया। इस सख्त कदम से परिवहन व्यवस्था में हड़कंप मच गया है।
यह कार्रवाई सागर के बहेरिया तिराहा और भोपाल रोड पर सुबह करीब 10:30 बजे से शुरू की गई। परिवहन विभाग की टीम ने अभियान के दौरान कुल 18 यात्री बसों की गहन जांच की। जांच के दौरान सामने आया कि कई बस संचालक नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे थे, जिससे यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भी नुकसान हो रहा था।
जांच में 7 बसों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इनमें से कई बसों में जरूरी दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं थे, जबकि कुछ बसें परमिट की शर्तों का उल्लंघन करते हुए संचालित हो रही थीं। इसके अलावा यात्रियों से निर्धारित किराए से अधिक राशि वसूलने की शिकायतें भी सामने आईं। कुछ बसों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) नहीं लगी थी, जो कि वर्तमान नियमों के तहत अनिवार्य है।

इतना ही नहीं, कई बसों में चालक और परिचालक निर्धारित गणवेश में नहीं थे, जो कि नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। सुरक्षा के लिहाज से भी कई खामियां पाई गईं—बसों में रेडियम रिफ्लेक्टर टेप नहीं थे, अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं था और अन्य जरूरी सुरक्षा उपायों की भी अनदेखी की गई थी। इन सभी उल्लंघनों को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग ने मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए संबंधित बसों पर जुर्माना लगाया।
इस कार्रवाई के तहत कुल 36 हजार 600 रुपए का जुर्माना वसूला गया। हालांकि, सबसे बड़ी कार्रवाई एक यात्री बस के खिलाफ की गई, जो बिना वैध दस्तावेजों और फिटनेस के लंबे समय से संचालित हो रही थी। इस बस का पंजीयन निरस्त करते हुए उसे स्क्रैप करने का आदेश जारी किया गया, जो कि परिवहन विभाग द्वारा उठाया गया एक अत्यंत कठोर कदम माना जा रहा है।
इसी दौरान टीम ने एक स्कूल वाहन को भी जब्त किया, जो बिना पंजीयन, परमिट और फिटनेस प्रमाण पत्र के संचालित हो रहा था। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इस तरह की लापरवाही को बेहद गंभीर माना गया और वाहन को जब्त कर परिवहन कार्यालय परिसर में खड़ा कराया गया है। विभाग का कहना है कि इस मामले में आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि स्लीपर बस संचालकों को पहले ही एआईएस-119 (AIS-119) मानकों के अनुरूप अपने वाहनों को तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कई संचालकों ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया और न ही अपने वाहनों का भौतिक सत्यापन कराया। ऐसे सभी संचालकों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई शुरू की जाएगी।
अधिकारी ने बस संचालकों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे वाहन संचालन के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज अपने साथ रखें। इनमें बीमा, फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट, पंजीयन कार्ड, टैक्स प्रमाण पत्र, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) और चालक का वैध हेवी ड्राइविंग लाइसेंस शामिल हैं। इन दस्तावेजों के बिना वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे दुर्घटना की स्थिति में गंभीर कानूनी और आर्थिक परिणाम भी हो सकते हैं।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करना और यात्रियों को सुरक्षित व सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है। हाल के दिनों में सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि को देखते हुए परिवहन विभाग ने इस तरह के सघन चेकिंग अभियान तेज कर दिए हैं। विभाग का मानना है कि नियमों का सख्ती से पालन कराने से दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।सागर में परिवहन विभाग की यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश है कि नियमों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह बस संचालक हों या स्कूल वाहन संचालक—सभी को निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। आने वाले समय में इस तरह की कार्रवाइयों से न केवल सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, बल्कि परिवहन व्यवस्था में भी पारदर्शिता और अनुशासन स्थापित होगा।