बंगाल में दूसरे चरण में 92% मतदान, कई जगह हिंसा: TMC-BJP कार्यकर्ताओं में झड़प; CRPF पर बुजुर्ग की मौत का आरोप ! में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में रिकॉर्ड स्तर पर मतदान दर्ज किया गया। चुनाव आयोग के अनुसार 142 सीटों पर हुए मतदान में 92.48% वोटिंग हुई, जो राज्य के चुनावी इतिहास में बेहद अहम मानी जा रही है। हालांकि इस दौरान कई जगहों पर हिंसा, झड़प, लाठीचार्ज और EVM से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं, जिससे चुनावी माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

नॉर्थ 24 परगना में हिंसा, कार्यकर्ताओं में मारपीट
उत्तर 24 परगना के अरविंद रैली इलाके में बूथ नंबर 120 पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई। दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर लाठियों और मुक्कों से हमला किया। मौके पर मौजूद सुरक्षाबलों के बावजूद स्थिति कुछ समय के लिए नियंत्रण से बाहर दिखी।
हावड़ा में बुजुर्ग की मौत, CRPF पर आरोप
Howrah के उदयनारायणपुर में एक बुजुर्ग की मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। TMC नेता Abhishek Banerjee ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बल Central Reserve Police Force (CRPF) के जवानों ने बुजुर्ग के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की, जिससे उनकी मौत हो गई। हालांकि इस मामले में आधिकारिक पुष्टि और जांच की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।

EVM पर आरोप और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
कई इलाकों से EVM में गड़बड़ी और छेड़छाड़ की शिकायतें सामने आईं।
- डायमंड हार्बर के फालता में BJP ने आरोप लगाया कि EVM में उनके बटन पर टेप लगाकर उसे ब्लॉक किया गया।
- पानीहाटी में BJP के बटन पर इंक लगे होने की शिकायत सामने आई, जिसे बाद में साफ किया गया।
Election Commission of India ने कहा कि जहां भी शिकायतें सही पाई जाएंगी, वहां दोबारा मतदान कराया जाएगा।
सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी
Bhabanipur में BJP नेता Suvendu Adhikari को TMC समर्थकों के विरोध का सामना करना पड़ा। उन्हें ‘गो बैक’ और ‘चोर-चोर’ के नारों के बीच घेर लिया गया। इसके जवाब में उन्होंने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए, जिससे माहौल और गर्मा गया।
अन्य प्रमुख घटनाएं
- हावड़ा के लिलुआ में EVM खराब होने के विरोध में खड़े वोटरों पर केंद्रीय बलों ने लाठीचार्ज किया।
- South 24 Parganas के कैनिंग में वोटरों और सुरक्षाबलों के बीच धक्का-मुक्की हुई।
- कई जगहों पर पोलिंग एजेंट्स के साथ मारपीट और बूथ से बाहर निकालने के आरोप लगे।

रिकॉर्ड वोटिंग के पीछे वजहें
इस बार 90% से ज्यादा मतदान होने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं:
1. मतदाता सूची में बदलाव (SIR का असर)
करीब 91 लाख नाम हटाए जाने से कुल मतदाता कम हुए, लेकिन वोट डालने वालों की संख्या लगभग समान रही, जिससे प्रतिशत बढ़ गया।
2. एंटी-इंकंबेंसी और ध्रुवीकरण
15 साल से सत्ता में रही TMC के खिलाफ नाराजगी, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों ने लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया। वहीं NRC और SIR जैसे मुद्दों ने भी मतदान पर असर डाला।
3. प्रवासी मजदूरों की वापसी
बड़ी संख्या में प्रवासी कामगार सिर्फ वोट डालने के लिए बंगाल लौटे, जिससे वोटिंग प्रतिशत बढ़ा।
4. सुरक्षा व्यवस्था और आयोग की सख्ती
करीब 2.40 लाख केंद्रीय बलों की तैनाती और सख्त निगरानी से मतदाताओं में भरोसा बढ़ा।
महिला मतदाताओं की बढ़ी भागीदारी
इस चरण में महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। आंकड़ों के मुताबिक पुरुषों के मुकाबले 1.21% ज्यादा महिलाओं ने मतदान किया, जो सामाजिक और राजनीतिक जागरूकता का संकेत है।

चुनावी स्थिति और आगे क्या
इन 142 सीटों में से 2021 के चुनाव में 123 सीटें TMC ने जीती थीं, इसलिए यह चरण बेहद अहम माना जा रहा है। पहले चरण में भी 93% मतदान हुआ था।
अब पूरे राज्य की 254 सीटों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे, जो तय करेंगे कि राज्य में सत्ता किसके हाथ में जाएगी।
निष्कर्ष
बंगाल का दूसरा चरण जहां एक ओर रिकॉर्ड मतदान के लिए जाना जाएगा, वहीं हिंसा और विवादों ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल भी खड़े किए हैं। उच्च मतदान प्रतिशत लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है, लेकिन हिंसा की घटनाएं यह भी दिखाती हैं कि चुनावी माहौल अभी पूरी तरह शांतिपूर्ण नहीं बन पाया है।