जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 1 मई से शुरू होकर 30 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्य की तैयारियों की समीक्षा के लिए जनगणना निदेशालय, भोपाल के निदेशक कार्तिकेय गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक लेकर अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में अनिल सुचारी, विनय द्विवेदी, कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी प्रतिभा पाल, अपर कलेक्टर अविनाश रावत सहित संभाग और जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मकान सूचीकरण के लिए जिम्मेदारियों का निर्धारण
बैठक में निदेशक द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी पर्यवेक्षकों को उनके पर्यवेक्षी सर्किल आवंटित किए जाएं और प्रगणकों को उनके मकान सूचीकरण ब्लॉक समय पर सौंपे जाएं। साथ ही सभी संबंधित कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र और जनगणना किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

डिजिटल प्रक्रिया पर जोर: ऐप से होगी गणना
इस बार जनगणना कार्य को पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को HLO ऐप का सही वर्जन डाउनलोड कर इंस्टॉल करने के निर्देश दिए गए हैं। यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रशिक्षण ऐप की जगह वास्तविक (लाइव) ऐप का उपयोग किया जाए।
निर्धारित समयसीमा के अनुसार:
- 3 मई तक सभी कर्मचारी ऐप पर लॉगिन सुनिश्चित करें
- कम से कम एक एंट्री कर डेटा सिंक करें
- 4 मई से फील्ड कार्य अनिवार्य रूप से शुरू करें
चरणबद्ध कार्य पूरा करने की समयसीमा
निदेशक द्वारा मकान गणना कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए विस्तृत टाइमलाइन तय की गई है:
- 5 मई तक 10% कार्य पूरा करना अनिवार्य
- जिनके पास एक ब्लॉक है:
- 10 मई तक 40%
- 15 मई तक 70%
- 20 मई तक 100% कार्य पूर्ण
- जिनके पास एक से अधिक ब्लॉक हैं, उनके लिए समयसीमा 10 मई तक निर्धारित की गई है
20 मई से 30 मई के बीच पुनरीक्षण कार्य किया जाएगा। इस दौरान बंद मकानों पर दोबारा जाकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यदि निवासी लौट आए हों तो उनका डेटा अपडेट किया जा सके।
कंट्रोल रूम और मॉनिटरिंग की व्यवस्था
जनगणना कार्य की निगरानी और समस्याओं के समाधान के लिए जिला और चार्ज स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। ये कंट्रोल रूम प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को फील्ड में आने वाली समस्याओं के समाधान में मदद करेंगे।
इसके अलावा, मास्टर ट्रेनर्स और फील्ड ट्रेनर्स की सेवाएं भी ली जाएंगी, ताकि कार्य की गुणवत्ता बनी रहे और कर्मचारियों को तकनीकी सहायता मिल सके।
गुणवत्ता जांच और फील्ड विजिट पर जोर
निदेशक कार्तिकेय गोयल ने निर्देश दिए कि समय-समय पर चार्ज क्षेत्रों में भ्रमण कर मकान सूचीकरण कार्य की गुणवत्ता की जांच की जाए। इससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि डेटा सही और विश्वसनीय हो।
प्रशासन की सख्त निगरानी
बैठक में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि जनगणना का कार्य पूरी गुणवत्ता और तय समयसीमा में पूरा होना चाहिए।
नगर निगम कमिश्नर राजकुमार खत्री, अधिकारी पवन मिश्रा सहित सभी चार्ज अधिकारी और मास्टर ट्रेनर्स भी बैठक में उपस्थित रहे।
जनगणना का महत्व
जनगणना किसी भी देश के विकास की आधारशिला मानी जाती है। इसके माध्यम से जनसंख्या, आवास, संसाधनों और सामाजिक-आर्थिक स्थिति की सटीक जानकारी मिलती है। यही आंकड़े भविष्य की योजनाओं और नीतियों के निर्माण में उपयोगी साबित होते हैं।
सागर जिले में जनगणना 2027 के प्रथम चरण की शुरुआत पूरी तैयारी और सख्त मॉनिटरिंग के साथ की जा रही है। डिजिटल तकनीक, स्पष्ट टाइमलाइन और प्रशासनिक सतर्कता के साथ यह अभियान न केवल तेज होगा, बल्कि अधिक सटीक और पारदर्शी भी रहेगा।
अब इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को सफल बनाने की जिम्मेदारी प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों पर भी है, ताकि सही जानकारी देकर वे विकास की इस प्रक्रिया में अपना योगदान दे सकें।