सागर
बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद पूरे प्रदेश में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। इसी कड़ी में सागर शहर में शनिवार देर शाम युवा कांग्रेस और नरयावली विधानसभा इकाई के कार्यकर्ताओं ने मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने हादसे को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए मुआवजा देने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
कैंडल मार्च में उमड़ा जनसैलाब
शहर के सदर कबूला पुल स्थित शनिदेव मंदिर के पास से शुरू हुआ कैंडल मार्च विभिन्न मार्गों से होकर निकला। हाथों में मोमबत्तियां लिए कार्यकर्ताओं ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे मार्च के दौरान माहौल बेहद भावुक रहा और लोगों ने मृतकों के लिए दो मिनट का मौन रखकर शांति की प्रार्थना की।
पूर्व मंत्री ने सरकार को ठहराया जिम्मेदार
कैंडल मार्च के दौरान कांग्रेस के पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने प्रदेश सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यह हादसा लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने कहा, “मौसम विभाग ने पहले ही खराब मौसम की चेतावनी जारी कर दी थी, इसके बावजूद क्रूज का संचालन जारी रखा गया। यह एक गंभीर अपराध है। सरकार को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा देना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की घटनाएं केवल हादसे नहीं होतीं, बल्कि सिस्टम की विफलता को दर्शाती हैं। यदि समय रहते सावधानी बरती जाती, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।
उच्चस्तरीय जांच की उठी मांग
शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह हादसा सुरक्षा मानकों की अनदेखी और मौसम संबंधी चेतावनियों को नजरअंदाज करने का परिणाम है।
उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और जो भी अधिकारी या जिम्मेदार व्यक्ति दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जब तक जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी।
युवा कांग्रेस ने जताया रोष
कैंडल मार्च में युवा कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष संदीप चौधरी, प्रदेश सचिव निखिल चौकसे, जिला उपाध्यक्ष चक्रेश रोहित, विधानसभा अध्यक्ष सागर साहू सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। उनका कहना था कि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन इस मामले में पूरी तरह लापरवाही बरती गई।
भावुक माहौल में दी गई श्रद्धांजलि
कैंडल मार्च के दौरान कई लोगों की आंखें नम नजर आईं। उपस्थित लोगों ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि कई परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति है।
लोगों ने यह भी कहा कि पर्यटन और मनोरंजन के नाम पर सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। हर गतिविधि में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन होना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
सवालों के घेरे में प्रशासनिक व्यवस्था
बरगी क्रूज हादसे के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया? क्या सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे? क्या क्रूज संचालन के लिए तय नियमों का पालन किया गया?
इन सवालों के जवाब अभी जांच के बाद ही सामने आएंगे, लेकिन फिलहाल जनता और विपक्ष दोनों ही इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।सागर में निकाला गया यह कैंडल मार्च केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह प्रशासन के खिलाफ एक शांतिपूर्ण विरोध भी था। इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी बड़ी त्रासदी को जन्म दे सकती है।
अब देखना यह होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या पीड़ित परिवारों को न्याय मिल पाता है या नहीं।