छतरपुर जिले में पुलिस प्रशासन के स्तर पर बड़ा बदलाव हुआ है। मध्यप्रदेश सरकार ने देर रात व्यापक प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 62 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस सूची में 24 जिलों के पुलिस अधीक्षक (एसपी) शामिल हैं। इसी क्रम में 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी रजत सकलेचा को छतरपुर का नया एसपी नियुक्त किया गया है।
बड़े पैमाने पर तबादले, कानून-व्यवस्था पर फोकस
राज्य सरकार द्वारा किए गए इस व्यापक फेरबदल को कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। कई जिलों में नए पुलिस कप्तानों की नियुक्ति कर प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अपराध नियंत्रण और बेहतर पुलिसिंग सरकार की प्राथमिकता है।
छतरपुर जैसे संवेदनशील और भौगोलिक दृष्टि से विस्तृत जिले में नए एसपी की नियुक्ति को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मंडला में बेहतर कार्य के लिए चर्चित रहे सकलेचा
नवागत एसपी रजत सकलेचा इससे पहले मंडला जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ थे। वहां उनके कार्यकाल के दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों को काफी सराहा गया।
उन्होंने सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने, स्थानीय लोगों से संवाद बढ़ाने और संवेदनशील क्षेत्रों में विश्वास बहाली की दिशा में उल्लेखनीय काम किया। उनके इस अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें अब छतरपुर की जिम्मेदारी सौंपी है।
पारिवारिक रूप से भी पुलिस सेवा से जुड़ाव
रजत सकलेचा का नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उनकी पत्नी पन्ना जिले की एसपी निवेदिता नायडू भी आईपीएस अधिकारी हैं। एक ही राज्य में दोनों का वरिष्ठ पुलिस पदों पर कार्यरत होना प्रशासनिक दृष्टि से भी रोचक और महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई जिम्मेदारियां और चुनौतियां
छतरपुर जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराधों पर नियंत्रण करना और जनता के बीच सुरक्षा का भरोसा कायम रखना नए एसपी के सामने प्रमुख चुनौतियां होंगी। हाल के समय में जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और सामाजिक तनाव को देखते हुए पुलिस की सक्रियता और प्रभावी रणनीति की जरूरत है।

इसके अलावा, पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना भी उनकी प्राथमिकता में शामिल रहेगा, ताकि लोगों का विश्वास मजबूत हो सके।
अन्य जिलों में भी हुए बदलाव
इस फेरबदल के तहत अन्य जिलों में भी नए एसपी नियुक्त किए गए हैं। जैसे खंडवा जिले की कमान अगम जैन को सौंपी गई है। इस तरह राज्यभर में पुलिस प्रशासन को नई दिशा देने का प्रयास किया गया है।
छतरपुर में रजत सकलेचा की नियुक्ति एक नई शुरुआत के रूप में देखी जा रही है। उनके पिछले अनुभव और कार्यशैली को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि वे जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करेंगे।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपनी नई जिम्मेदारी में किस तरह की रणनीति अपनाते हैं और जिले में अपराध नियंत्रण व जनविश्वास बढ़ाने में कितने सफल होते हैं।