62 आईपीएस तबादलों के बाद भी सागर को नहीं मिला आईजी: ट्रांसफर लिस्ट पर उठे सवाल, कुछ फैसलों पर ‘इनाम- सजा’ की चर्चा !

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भोपाल
मध्य प्रदेश में शनिवार देर रात जारी हुई 62 आईपीएस अधिकारियों की तबादला सूची ने पुलिस महकमे के भीतर और बाहर कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है। एक ओर जहां इतने बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल कर कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ फैसलों ने सवाल भी खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी लंबी सूची जारी होने के बावजूद सागर जैसे महत्वपूर्ण रेंज को अब तक स्थायी आईजी नहीं मिल पाया है।

सागर में आईजी का पद एक महीने से खाली

सागर संभाग में आईजी का पद पिछले एक महीने से अधिक समय से खाली पड़ा है। फिलहाल इस पद का अतिरिक्त प्रभार नर्मदापुरम आईजी के पास है। इतने बड़े प्रशासनिक बदलाव के बाद भी सागर में स्थायी आईजी की नियुक्ति नहीं होना स्थानीय प्रशासनिक जरूरतों के लिहाज से चिंताजनक माना जा रहा है।
सागर संभाग में कई जिलों में अपराध और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे में आईजी स्तर का स्थायी नेतृत्व न होना प्रशासनिक सुस्ती और समन्वय की कमी को जन्म दे सकता है।

कुछ तबादलों पर उठे सवाल

इस ट्रांसफर लिस्ट में कुछ फैसलों ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है। सिंगरौली में हाल ही में हुई बैंक डकैती के बाद एसपी मनीष खत्री को हटाकर पुलिस मुख्यालय (PHQ) भेज दिया गया। पुलिस महकमे में इस तरह की पोस्टिंग को अक्सर “साइडलाइन” या “वनवास” के रूप में देखा जाता है।

इसके विपरीत, सिवनी में चर्चित हवाला कांड के बाद हटाए गए एसपी सुनील कुमार मेहता को इंदौर जैसे बड़े और महत्वपूर्ण शहर में डीसीपी की जिम्मेदारी सौंप दी गई। इस फैसले को लेकर यह चर्चा है कि क्या यह “इनाम” की तरह है या प्रशासनिक रणनीति का हिस्सा।

24 जिलों के एसपी बदले, बड़े स्तर पर फेरबदल

इस सूची में प्रदेश के 24 जिलों के पुलिस अधीक्षकों को बदला गया है। इनमें सागर, छतरपुर, रीवा, मुरैना, दतिया, सीहोर, सिंगरौली, दमोह, सिवनी समेत कई जिले शामिल हैं।
इस बड़े पैमाने पर हुए बदलाव को सरकार द्वारा कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया जा रहा है। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में तबादले होने के बाद भी कुछ महत्वपूर्ण पद खाली रह जाना प्रशासनिक रणनीति पर सवाल खड़े करता है।

प्रमोशन के बाद भी देरी से मिली जिम्मेदारी

सूची में यह भी सामने आया कि कई आईपीएस अधिकारी, जिन्हें जनवरी में डीआईजी पद पर प्रमोट किया गया था, वे पिछले चार महीने से एसपी रैंक की ही जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब जाकर उन्हें उनकी वास्तविक रैंक के अनुसार पदस्थ किया गया है।
इसमें खंडवा, भिंड, रीवा, धार और अन्य जिलों के अधिकारी शामिल हैं। इससे यह भी संकेत मिलता है कि विभाग में पदस्थापना प्रक्रिया में देरी और असंतुलन की स्थिति बनी हुई थी।

ट्रेनिंग शाखा में भी बड़ा बदलाव

पुलिस मुख्यालय की प्रशिक्षण शाखा में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। इस शाखा का प्रभार अब स्पेशल डीजी स्तर के अधिकारी को सौंपा गया है। पहले यहां एडीजी स्तर के अधिकारी पदस्थ थे।
इस बदलाव को पुलिस प्रशिक्षण प्रणाली को और सुदृढ़ करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है, ताकि नए अधिकारियों और जवानों को बेहतर प्रशिक्षण मिल सके।

सागर में नई चुनौतियां बरकरार

सागर जिले में हाल ही में नए एसपी की नियुक्ति हुई है, लेकिन आईजी का पद खाली होने से समन्वय की कमी महसूस की जा रही है। जिले में बढ़ती आपराधिक गतिविधियां, खासकर “कटरबाज” गिरोहों का सक्रिय होना, पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
ऐसे में आईजी स्तर का मजबूत नेतृत्व न होना कानून-व्यवस्था पर असर डाल सकता है।

प्रशासनिक संदेश क्या है?

इस ट्रांसफर लिस्ट से एक तरफ यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर है और जरूरत पड़ने पर बड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगी।
वहीं दूसरी ओर कुछ फैसलों की टाइमिंग और प्रकृति को लेकर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या तबादले पूरी तरह प्रदर्शन के आधार पर हुए हैं या फिर अन्य कारक भी इसमें प्रभावी रहे हैं।

मध्य प्रदेश में हुए 62 आईपीएस अधिकारियों के तबादले प्रशासनिक दृष्टि से बड़े बदलाव का संकेत देते हैं, लेकिन सागर जैसे महत्वपूर्ण रेंज में आईजी की नियुक्ति न होना इस पूरी कवायद पर सवाल खड़े करता है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार कब तक इस पद को भरती है और क्या आने वाले समय में इन तबादलों का वास्तविक असर कानून-व्यवस्था पर दिखाई देगा या नहीं।


एसपी इतने समय से थे पोस्टेड

अधिकारी का नामवर्तमान पदस्थापना (ट्रांसफर से पहले)नवीन पदस्थापनाइतने समय से थे पोस्टेड
मनोज कुमार रायSP, खंडवाDIG, PHQमार्च 2024
असित यादवSP, भिंडDIG, ग्वालियरअक्टूबर 2023
विवेक सिंहDCP, भोपालDIG, शहडोलसितंबर 2025
शैलेंद्र सिंह चौहानSP, रीवाअतिरिक्त पुलिस आयुक्त, भोपालसितंबर 2025
मयंक अवस्थीSP, धारअतिरिक्त पुलिस आयुक्त, इंदौरसितंबर 2025
विकास सहवालSP, सागरDCP, भोपालअगस्त 2024
समीर सौरभSP, मुरैनाSP, रेडियो भोपालअगस्त 2024
सुनील कुमार मेहताSP, सिवनीDCP, इंदौरजून 2024
मनीष खत्रीSP, सिंगरौलीAIG, PHQ भोपालनवंबर 2024
श्रुतकीर्ति सोमवंशीSP, दमोहसेनानी SAF, ग्वालियरमार्च 2024
दीपक कुमार शुक्लाSP, सीहोरसेनानी SAFअक्टूबर 2024
सूरज वर्माSP, दतियाSP, भिंडजून 2025
अमन सिंह राठौड़SP, शिवपुरीDCP, इंदौरमार्च 2024
रजत सकलेचाSP, मंडलाSP, छतरपुरमार्च 2023
अगम जैनSP, छतरपुरSP, खंडवामार्च 2024
अंकित जायसवालSP, नीमचSP, रेल भोपालफरवरी 2024

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