मध्य प्रदेश के सागर जिले में नवागत पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनुराग सुजानिया ने पदभार संभालते ही सक्रिय कार्यशैली का परिचय दिया। मंगलवार को एसपी कार्यालय में औपचारिक रूप से ज्वाइनिंग लेने के बाद वे सीधे कंट्रोल रूम पहुंचे, जहां आयोजित जनसुनवाई में शामिल होकर आम नागरिकों, विशेष रूप से महिलाओं की समस्याएं सुनीं।
जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं अपनी शिकायतें लेकर पहुंचीं। इनमें घरेलू हिंसा, भरण-पोषण और मारपीट से जुड़े मामले प्रमुख रहे। एसपी सुजानिया ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया और मौके पर ही संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे नियमानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

महिलाओं को दिया भरोसा
जनसुनवाई में आई महिलाओं ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। कई महिलाओं ने घरेलू विवाद, आर्थिक सहायता न मिलने और प्रताड़ना जैसी परेशानियों का जिक्र किया। एसपी सुजानिया ने सभी शिकायतकर्ताओं को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा और उन्हें न्याय दिलाने में पुलिस पूरी मदद करेगी।
उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य जनता की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना है। खासकर महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता बेहद जरूरी है। उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे पीड़ितों के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार करें और मामलों का त्वरित निराकरण करें।
जनता के बीच रहकर काम करने का संकेत
ज्वाइनिंग के तुरंत बाद जनसुनवाई में पहुंचना इस बात का संकेत है कि एसपी सुजानिया जनता के बीच रहकर काम करने को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम लोगों की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना उनकी कार्यशैली का अहम हिस्सा होगा।
इस पहल से आम नागरिकों में सकारात्मक संदेश गया है कि जिले में पुलिस प्रशासन अब और अधिक सक्रिय और जवाबदेह तरीके से काम करेगा। लोगों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं का समाधान पहले की तुलना में अधिक तेजी से होगा।
पूर्व एसपी का तबादला, नई जिम्मेदारी
उल्लेखनीय है कि जिले के पूर्व एसपी विकास सहवाल का तबादला भोपाल कर दिया गया है। उनके स्थान पर आईपीएस अधिकारी अनुराग सुजानिया को सागर जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नए एसपी के रूप में सुजानिया के सामने जिले की कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और अपराधों पर नियंत्रण की चुनौती है।

कानून-व्यवस्था की समीक्षा
चार्ज संभालने के बाद एसपी सुजानिया ने जिले की कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा भी की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न थानों की स्थिति, लंबित मामलों और स्टाफ से जुड़ी जानकारी ली। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर कानून-व्यवस्था बनाए रखें।
उन्होंने कहा कि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस को सतर्क और जिम्मेदार रहना होगा। साथ ही, जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करना भी जरूरी है, ताकि लोगों का पुलिस पर भरोसा बना रहे।नवागत एसपी अनुराग सुजानिया की यह सक्रिय शुरुआत जिले के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। जनसुनवाई में सीधे पहुंचकर समस्याएं सुनना और तुरंत कार्रवाई के निर्देश देना उनकी कार्यशैली को दर्शाता है। अब यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में वे जिले की कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए किस तरह के कदम उठाते हैं और आम जनता को कितनी राहत मिलती है।