देशभर में चल रहे जनगणना महाअभियान के अंतर्गत जिले में भी मकान गणना का कार्य तेजी और गंभीरता के साथ किया जा रहा है। 1 मई से 30 मई तक संचालित इस महत्वपूर्ण अभियान को कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल के मार्गदर्शन में जिलेभर में व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा नियुक्त प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के माध्यम से घर-घर पहुंचकर मकानों और परिवारों से संबंधित आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं, ताकि आगामी जनगणना की प्रक्रिया को सटीक और पारदर्शी बनाया जा सके।

इसी अभियान के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षक श्रीमती संध्या साहू ने अपनी ईमानदारी, लगन और कर्तव्यनिष्ठा से एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने HLB-182 खांड ढाना क्षेत्र में मात्र पांच दिनों के भीतर 250 मकानों की गणना का कार्य पूर्ण कर प्रशासन और शिक्षा विभाग का नाम गौरवान्वित किया है। उनकी कार्यशैली और समर्पण को प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भी सराहा जा रहा है।
श्रीमती संध्या साहू ने बताया कि जनगणना केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की विकास योजनाएं, संसाधनों का वितरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक योजनाओं की रूपरेखा जनगणना के आंकड़ों पर ही आधारित होती है। इसलिए यह कार्य अत्यंत जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से इस राष्ट्रीय कार्य का हिस्सा बनने की इच्छा रखती थीं। जब उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई तो उन्होंने इसे पूरे उत्साह और समर्पण के साथ स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य के दौरान घर-घर जाकर नागरिकों से जानकारी एकत्र करना चुनौतीपूर्ण जरूर था, लेकिन लोगों का सहयोग और प्रशासन का मार्गदर्शन लगातार मिलता रहा, जिससे कार्य को समय पर पूरा करने में सफलता मिली।

संध्या साहू ने बताया कि उन्होंने प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य से अधिक कार्य करने का प्रयास किया। भीषण गर्मी और लगातार फील्ड में रहने के बावजूद उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को प्राथमिकता देते हुए कार्य को पूरी गंभीरता से संपन्न किया। उन्होंने कहा कि कई बार सुबह से देर शाम तक क्षेत्र में रहकर मकानों की जानकारी जुटानी पड़ती थी, लेकिन राष्ट्रीय दायित्व का भाव उन्हें लगातार प्रेरित करता रहा।
उन्होंने यह भी बताया कि जनगणना कार्य के दौरान प्रत्येक मकान का सत्यापन करना, परिवारों की संख्या, मकान की स्थिति और आवश्यक विवरण दर्ज करना बेहद सावधानी का कार्य होता है। आंकड़ों की शुद्धता बनाए रखने के लिए प्रत्येक जानकारी को ध्यानपूर्वक दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों और प्रशिक्षण से उन्हें कार्य को व्यवस्थित रूप से पूरा करने में काफी सहायता मिली।
कार्य पूर्ण होने के बाद उन्होंने अपनी संपूर्ण जानकारी चार्ज अधिकारी श्री राहुल गौड़ को प्रेषित की। उन्होंने बताया कि पूरे अभियान के दौरान चार्ज अधिकारी द्वारा समय-समय पर आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया गया, जिससे कार्य में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं आई। उन्होंने अपने सुपरवाइजर श्री धर्मेंद्र रजक का भी विशेष रूप से आभार व्यक्त किया, जिन्होंने लगातार निरीक्षण और मार्गदर्शन करते हुए कार्य को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जनगणना महाअभियान के अंतर्गत जिले में नियुक्त सभी प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशासन द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि आंकड़ों के संग्रहण में किसी प्रकार की त्रुटि न हो। मकान गणना का यह चरण आगामी विस्तृत जनगणना प्रक्रिया की आधारशिला माना जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि जिले के प्रत्येक घर और परिवार की सही जानकारी एकत्र कर शासन को उपलब्ध कराई जाए।
कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल लगातार अभियान की मॉनिटरिंग कर रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनगणना कार्य पूरी पारदर्शिता, समयबद्धता और सटीकता के साथ संपन्न किया जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि राष्ट्रहित से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य है, जिसमें सभी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जनगणना किसी भी लोकतांत्रिक देश की प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार होती है। इसके माध्यम से सरकार को यह जानकारी मिलती है कि किस क्षेत्र में कितनी आबादी निवास कर रही है, वहां शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं की क्या स्थिति है। यही आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण में उपयोग किए जाते हैं।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मकानों की स्थिति, परिवारों की संख्या, आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों का अध्ययन भी जनगणना के माध्यम से किया जाता है। यही कारण है कि प्रशासन इस कार्य को अत्यंत गंभीरता और सावधानी के साथ संपन्न कराने में जुटा हुआ है।
श्रीमती संध्या साहू जैसी कर्मठ और समर्पित कर्मचारियों की भूमिका इस अभियान की सफलता में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उन्होंने अपने कार्य से यह साबित कर दिया कि यदि किसी जिम्मेदारी को सेवा भावना और निष्ठा के साथ किया जाए तो कठिन से कठिन कार्य भी कम समय में सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा सकता है।
क्षेत्रीय नागरिकों ने भी उनके कार्य की सराहना की। लोगों का कहना है कि उन्होंने घर-घर जाकर बेहद विनम्रता और धैर्य के साथ जानकारी एकत्र की और सभी को जनगणना के महत्व के बारे में जागरूक भी किया। कई परिवारों ने उन्हें एक जिम्मेदार और समर्पित सरकारी कर्मचारी बताते हुए उनके प्रयासों की प्रशंसा की।
जनगणना अभियान के दौरान प्रशासन द्वारा नागरिकों से भी अपील की जा रही है कि वे प्रगणकों को सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि जनगणना के आंकड़े शुद्ध और विश्वसनीय बन सकें। अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों का सहयोग इस राष्ट्रीय अभियान की सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उल्लेखनीय है कि देश की प्रगति और विकास की सही दिशा तय करने में जनगणना की अहम भूमिका होती है। यही कारण है कि इसे लोकतंत्र का आधारभूत कार्य माना जाता है। जिले में चल रहा यह अभियान प्रशासन, शिक्षकों, कर्मचारियों और आम नागरिकों के सहयोग से निरंतर आगे बढ़ रहा है।
माध्यमिक शिक्षक श्रीमती संध्या साहू द्वारा मात्र पांच दिनों में 250 मकानों की गणना पूर्ण करना न केवल उनकी कार्यकुशलता का प्रमाण है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों में समर्पण और ईमानदारी के साथ किया गया प्रयास समाज के लिए प्रेरणा बन सकता है।