इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज के बॉयज हॉस्टल में सोमवार को एक MBBS छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना से मेडिकल कॉलेज परिसर में सनसनी फैल गई। प्रथम वर्ष के छात्र अंतरिक्ष अग्रवाल का शव हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद कॉलेज प्रशासन, पुलिस और बड़ी संख्या में छात्र मौके पर पहुंच गए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मृतक छात्र की पहचान अंतरिक्ष अग्रवाल (25) निवासी ग्वालियर के रूप में हुई है। वह एमबीबीएस 2025 बैच का छात्र था और बीआर अंबेडकर हॉस्टल के बी-ब्लॉक की चौथी मंजिल पर स्थित कमरे नंबर 43 में रह रहा था।
रूममेट लौटा तो कमरे में मिला शव
जानकारी के अनुसार अंतरिक्ष का रूममेट हर्ष कौशिक सोमवार शाम करीब 5:30 बजे कॉलेज से हॉस्टल लौटा। उसने कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। काफी देर तक प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर उसे शक हुआ।

इसके बाद हर्ष ने अन्य दोस्तों की मदद ली और कमरे का दरवाजा खोला गया। अंदर का दृश्य देखकर सभी छात्र स्तब्ध रह गए। अंतरिक्ष कमरे में फंदे पर लटका हुआ था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक उसकी मौत कुछ समय पहले ही हो चुकी थी।
घटना की सूचना तुरंत कॉलेज प्रशासन और पुलिस को दी गई। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में छात्र हॉस्टल परिसर में जमा हो गए।
पढ़ाई को लेकर तनाव में था छात्र
रूममेट हर्ष कौशिक ने बताया कि अंतरिक्ष पिछले कुछ समय से पढ़ाई को लेकर तनाव में रहता था। कॉलेज सूत्रों के मुताबिक वह सोमवार को कॉलेज भी नहीं गया था।
हालांकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस छात्र के दोस्तों, सहपाठियों और परिजनों से पूछताछ कर रही है। कमरे से कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
कॉलेज प्रशासन और वरिष्ठ डॉक्टर पहुंचे मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन सक्रिय हो गया। कॉलेज के डीन अरविंद घनघोरिया, एमवाय अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट अशोक यादव सहित कई वरिष्ठ डॉक्टर और प्रोफेसर मौके पर पहुंचे।
हॉस्टल प्रशासन ने छात्र के कमरे को सील कर दिया है ताकि जांच प्रभावित न हो। पुलिस ने भी मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं।
पुलिस कर रही हर पहलू से जांच
मामले को लेकर एसीपी तुषार सिंह ने बताया कि फिलहाल आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हैं। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।
मेडिकल छात्रों में मानसिक दबाव फिर बना चर्चा का विषय
इस घटना के बाद मेडिकल छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और तनाव को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं। कठिन पढ़ाई, लगातार परीक्षा और बेहतर प्रदर्शन का दबाव कई छात्रों को मानसिक रूप से प्रभावित कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल संस्थानों में छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता और काउंसलिंग व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि तनावग्रस्त छात्र समय रहते मदद ले सकें।
फिलहाल कॉलेज परिसर में शोक का माहौल है और छात्र इस घटना से स्तब्ध हैं।