छतरपुर। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के रोमांच के बीच ऑनलाइन सट्टेबाजी का अवैध कारोबार भी तेजी से फैलता जा रहा है। इसी कड़ी में छतरपुर पुलिस ने क्रिकेट मैचों पर दांव लगवाने वाले एक सक्रिय सट्टेबाजी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, डिजिटल उपकरण और सट्टा संचालन में उपयोग की जा रही ऑनलाइन आईडी बरामद की हैं, जिनमें लाखों रुपए के लेन-देन का रिकॉर्ड मिला है।
यह कार्रवाई सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने शनिवार रात मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग आईपीएल मैचों पर हार-जीत का ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे हैं और मोबाइल एप तथा विशेष आईडी के माध्यम से लोगों से दांव लगवाए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल एक विशेष टीम गठित की और बताए गए स्थान पर घेराबंदी कर दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से वीरेंद्र गिरी गोस्वामी और लल्लू गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी मोबाइल फोन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से क्रिकेट मैचों पर सट्टा लगवा रहे थे। पुलिस ने जब आरोपियों के मोबाइल और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की तो उसमें लाखों रुपए के सट्टे का हिसाब-किताब सामने आया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के पास से ऐसी डिजिटल आईडी मिली हैं, जिनका उपयोग ऑनलाइन सट्टा संचालन के लिए किया जा रहा था। इन आईडी के माध्यम से लोग मैचों में हार-जीत पर पैसा लगाते थे और पूरा नेटवर्क मोबाइल इंटरनेट के जरिए संचालित किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से इस कारोबार में सक्रिय थे और कई लोगों को अपने नेटवर्क से जोड़ चुके थे।
छतरपुर पुलिस ने बताया कि कार्रवाई के दौरान एक अन्य आरोपी राहुल गुप्ता मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसके खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है और गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सिटी कोतवाली थाना पुलिस अब जब्त किए गए मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों की तकनीकी जांच कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इससे पूरे सट्टा नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। मोबाइल डेटा और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड के जरिए उन लोगों की पहचान भी की जा रही है, जिन्होंने इस अवैध कारोबार में पैसा लगाया या नेटवर्क से जुड़े रहे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आईपीएल सीजन के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी का कारोबार तेजी से बढ़ जाता है। कई गिरोह सोशल मीडिया, मोबाइल एप और वेबसाइटों के जरिए लोगों को जोड़ते हैं और आसान कमाई का लालच देकर उन्हें सट्टे में फंसाते हैं। युवा वर्ग तेजी से इस जाल में फंस रहा है, जिससे आर्थिक नुकसान के साथ अपराध भी बढ़ रहे हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी विशेष कोड और आईडी के जरिए ग्राहकों को जोड़ते थे। ग्राहक मोबाइल पर लाइव मैच देखते हुए हर गेंद, ओवर और विकेट पर दांव लगाते थे। हार-जीत का पूरा हिसाब डिजिटल माध्यम से संचालित किया जाता था। आरोपियों के मोबाइल में कई संदिग्ध चैट और ऑनलाइन भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड भी मिले हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही साइबर विशेषज्ञों की मदद से ऑनलाइन नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि यह नेटवर्क जिले के बाहर भी फैला हो सकता है।
छतरपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे ऑनलाइन सट्टेबाजी और अवैध जुए से दूर रहें। पुलिस का कहना है कि इस तरह के कारोबार से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि कई लोग कर्ज और आपराधिक गतिविधियों में भी फंस जाते हैं।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। आईपीएल के दौरान विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि क्रिकेट सट्टेबाजी जैसे अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी के कारण कई युवा गलत रास्ते पर जा रहे हैं और परिवार आर्थिक संकट में फंस रहे हैं। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई से इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। फरार आरोपी की तलाश जारी है और पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।