Indore से Omkareshwar Jyotirlinga Temple जाने वाले श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। शनिश्चरी अमावस्या और रविवार के अवकाश के कारण लाखों श्रद्धालुओं के ओंकारेश्वर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए इंदौर-खंडवा मार्ग पर भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
18 मई सुबह तक लागू रहेगा प्रतिबंध
जिला कलेक्टर Shivam Verma द्वारा जारी आदेश के अनुसार तेजाजी नगर चौराहे से खंडवा की ओर जाने वाले तथा खंडवा से इंदौर आने वाले मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
यह आदेश 15 मई की रात 12 बजे से प्रभावी हो चुका है और 18 मई 2026 की सुबह 8 बजे तक लागू रहेगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध केवल भारी मालवाहक वाहनों पर लागू होगा। सामान्य यात्री वाहनों और आवश्यक सेवाओं को इससे छूट दी गई है।
ओंकारेश्वर में उमड़ सकती है बड़ी भीड़
शनिश्चरी अमावस्या के अवसर पर नर्मदा स्नान और भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस बार 16 मई को शनिश्चरी अमावस्या और 17 मई को रविवार होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक रहने की संभावना है।
हर वर्ष इस अवसर पर मध्यप्रदेश सहित महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु ओंकारेश्वर पहुंचते हैं।
प्रशासन को आशंका है कि यदि भारी वाहन भी उसी मार्ग पर चलते रहे तो लंबा ट्रैफिक जाम लग सकता है और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सड़क निर्माण कार्य भी बना वजह
जिला प्रशासन ने बताया कि वर्तमान में इंदौर-खंडवा मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य भी जारी है। कई स्थानों पर सड़क संकरी होने और निर्माण सामग्री रखे होने के कारण यातायात पहले से प्रभावित है।
ऐसी स्थिति में भारी वाहनों की आवाजाही से दुर्घटना और जाम का खतरा बढ़ सकता था। इसी को देखते हुए मोटर यान नियम 1994 के नियम-215 के तहत यह अस्थायी आदेश जारी किया गया है।
भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय
प्रशासन के अनुसार अब भारी मालवाहक वाहन तेजाजी नगर चौराहा बायपास मार्ग से धामनोद होकर खंडवा की ओर जा सकेंगे।
इस वैकल्पिक मार्ग के जरिए ट्रकों और अन्य भारी वाहनों को डायवर्ट किया जाएगा ताकि ओंकारेश्वर जाने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित न हो।
ट्रैफिक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को पूरे मार्ग पर तैनात किया गया है ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
इन वाहनों को मिली छूट
प्रशासन ने कुछ आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को प्रतिबंध से मुक्त रखा है।
इनमें शामिल हैं:
- कार, जीप और दोपहिया वाहन
- यात्री बसें
- दूध सप्लाई वाहन
- नगर निगम स्वास्थ्य सेवा वाहन
- पुलिस और फायर ब्रिगेड वाहन
- पानी के टैंकर
- सेना के वाहन
- बिजली विभाग के वाहन
- कृषि उपज मंडी से जुड़े आवश्यक सेवा वाहन
इन वाहनों का संचालन सामान्य रूप से जारी रहेगा।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि यात्रा के दौरान वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
प्रशासन ने यह भी कहा कि ओंकारेश्वर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। घाटों, पार्किंग स्थलों और मंदिर परिसर में भी सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई जाएगी।
ओंकारेश्वर में विशेष व्यवस्थाएं
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं।
नर्मदा घाटों पर बैरिकेडिंग, मेडिकल टीम, पेयजल व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था की जा रही है।
मंदिर परिसर में CCTV कैमरों से निगरानी की जाएगी और भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग बनाए गए हैं।
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से दर्शन और स्नान कर सकें।