मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। जिले के शिवराजपुर गांव में कुल्फी के पैसे मांगने पर चार युवकों ने एक 25 वर्षीय गर्भवती महिला के साथ कथित रूप से बेरहमी से मारपीट की। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने उसके पेट पर लात मारी, जिसके कारण उसका तीन माह का गर्भ गिर गया। घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है, जबकि पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
कुल्फी के पैसे मांगने पर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, पीड़िता साधना साकेत शुक्रवार दोपहर अपने जेठ की दुकान पर कुल्फी बेच रही थी। उसी दौरान गांव का रहने वाला राजेश साकेत अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ दुकान पर पहुंचा।

बताया गया कि सभी ने कुल्फी खाई, लेकिन पैसे देने से इनकार कर दिया। जब साधना ने पैसे मांगे, तो आरोपियों ने विवाद शुरू कर दिया। कुछ देर तक कहासुनी हुई, लेकिन उस समय आसपास मौजूद लोगों ने मामला शांत करा दिया।
पीड़िता को लगा कि विवाद खत्म हो गया है, लेकिन रात में मामला हिंसक रूप ले बैठा।
रात में घेरकर की मारपीट
साधना साकेत ने पुलिस को बताया कि रात करीब 9 बजे वह घर के पास खेत की ओर गई थी। इसी दौरान राजेश साकेत, अंकित, बसंत और अशोक साकेत ने उसे रास्ते में घेर लिया।
महिला का आरोप है कि चारों आरोपियों ने पहले उसके साथ गाली-गलौज की और फिर मारपीट शुरू कर दी। पीड़िता के अनुसार, इसी दौरान एक आरोपी ने उसके पेट में जोरदार लात मारी। चोट लगते ही वह जमीन पर गिर गई और बेहोश हो गई।
महिला की चीख-पुकार सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों को आता देख आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए।
देर रात हुआ गर्भपात
पीड़िता का आरोप है कि मारपीट और पेट में लगी गंभीर चोट के कारण रात करीब 1 बजे उसका तीन महीने का गर्भ गिर गया। घटना के बाद परिवार में मातम जैसा माहौल बन गया।
परिजन तुरंत महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार किया।
हालत गंभीर होने पर रीवा रेफर
मामले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डॉ. आरके पाठक ने बताया कि महिला की स्थिति चिंताजनक थी। प्रारंभिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए रीवा स्थित संजय गांधी अस्पताल रेफर किया गया।
डॉक्टरों के अनुसार, महिला का विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षण किया जा रहा है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि गर्भपात चोट के कारण हुआ या अन्य किसी वजह से।
पीड़िता ने यह भी बताया कि उसने पहले गर्भ की कोई सरकारी जांच नहीं कराई थी। ऐसे में अब डॉक्टर मेडिकल परीक्षण और जांच रिपोर्ट के आधार पर स्थिति स्पष्ट करेंगे।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना की सूचना मिलते ही नईगढ़ी थाना पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने साधना साकेत की शिकायत पर चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद मामले में और गंभीर धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
गांव में आक्रोश का माहौल
घटना के बाद शिवराजपुर गांव में लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि मामूली विवाद को लेकर गर्भवती महिला के साथ इस तरह की हिंसा बेहद निंदनीय है।
महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी घटना पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है।
समाज के लिए बड़ा सवाल
यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज के लिए गंभीर चेतावनी भी है। छोटी-छोटी बातों पर हिंसा और महिलाओं के प्रति क्रूर व्यवहार लगातार बढ़ता जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गर्भवती महिलाओं के साथ हिंसा के मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि समाज में ऐसा करने वालों के मन में कानून का डर बना रहे।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। वहीं पीड़िता का इलाज जारी है और परिवार न्याय की मांग कर रहा है।