गर्मियों के मौसम में अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि रात में देर तक नींद नहीं आती, बार-बार नींद खुल जाती है या सुबह उठने पर थकान महसूस होती है। कई लोग पूरी रात सोने के बावजूद तरोताजा महसूस नहीं करते। इसका सबसे बड़ा कारण गर्मी और बढ़ता तापमान है, जो हमारी नींद की गुणवत्ता यानी स्लीप क्वालिटी को प्रभावित करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यादा तापमान के कारण शरीर गहरी नींद यानी डीप स्लीप तक नहीं पहुंच पाता, जिससे शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता।
साइंस जर्नल Nature में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक तापमान बढ़ने के साथ नींद की अवधि कम हो जाती है और सबसे ज्यादा असर गहरी नींद पर पड़ता है। हर 10 डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ने पर नींद से जुड़ी समस्याओं का खतरा और बढ़ जाता है।
Dr. Vinila Surapaneni के अनुसार, शरीर की अपनी एक जैविक घड़ी होती है, जिसे सर्केडियन रिद्म कहा जाता है। यही शरीर को बताती है कि कब सोना है, कब जागना है और कब शरीर को आराम की जरूरत है। रात में शरीर खुद को कुछ डिग्री ठंडा करके गहरी नींद की अवस्था में पहुंचाने की कोशिश करता है। लेकिन गर्मियों में ज्यादा तापमान होने के कारण शरीर को ठंडा रहने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है, जिससे नींद प्रभावित हो जाती है।

गर्मी में क्यों खराब होती है नींद?
विशेषज्ञ बताते हैं कि गर्म मौसम में शरीर लगातार खुद को ठंडा रखने की कोशिश करता रहता है। इससे शरीर रिलैक्स मोड में नहीं पहुंच पाता और नींद टूटती रहती है। इसके अलावा अधिक पसीना, डिहाइड्रेशन और उमस के कारण बेचैनी बढ़ जाती है। यही वजह है कि रात में कई बार आंख खुल जाती है और सुबह उठने पर शरीर थका हुआ महसूस होता है।
गर्मी का असर केवल सामान्य नींद पर ही नहीं, बल्कि REM स्लीप पर भी पड़ता है। REM यानी रैपिड आई मूवमेंट नींद की वह अवस्था है, जिसमें सबसे ज्यादा सपने आते हैं और शरीर को गहरा आराम मिलता है। यह नींद की सबसे महत्वपूर्ण स्टेज मानी जाती है। यदि शरीर पर्याप्त आराम की स्थिति में न पहुंचे तो व्यक्ति REM स्लीप तक नहीं पहुंच पाता।
नींद की चार स्टेज क्या होती हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार नींद की कुल चार अवस्थाएं होती हैं:
1. N1 स्टेज
यह हल्की नींद की शुरुआत होती है। इस दौरान शरीर जागने की अवस्था से नींद की ओर बढ़ता है और दिमाग धीरे-धीरे शांत होने लगता है।
2. N2 स्टेज
इस अवस्था में शरीर रिलैक्स हो जाता है। सांस और दिल की धड़कन धीमी होने लगती है। इंसान सबसे ज्यादा समय इसी स्टेज में बिताता है।
3. N3 स्टेज
इसे डीप स्लीप कहा जाता है। शरीर की मरम्मत, ऊर्जा की रिकवरी और इम्यून सिस्टम मजबूत होने का काम इसी दौरान होता है।
4. REM स्लीप
यह नींद की सबसे गहरी अवस्था होती है। इस दौरान दिमाग सक्रिय रहता है लेकिन शरीर की मांसपेशियां शांत होती हैं। सपने भी इसी अवस्था में ज्यादा आते हैं।
गर्मी के कारण शरीर अक्सर N3 और REM स्टेज तक नहीं पहुंच पाता, जिससे नींद पूरी होने के बावजूद आराम महसूस नहीं होता।
डाइजेशन और हेल्थ पर असर
गर्मियों में मेटाबॉलिज्म पहले से थोड़ा धीमा हो जाता है। ऐसे में यदि नींद भी पूरी न हो तो शरीर पर इसका असर और बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार नींद की कमी से:
- डाइजेशन कमजोर होता है
- इम्यूनिटी कम होती है
- ब्रेन फंक्शन प्रभावित होता है
- चिड़चिड़ापन और तनाव बढ़ता है
- थकान और कमजोरी महसूस होती है
- हार्मोनल बैलेंस बिगड़ सकता है
नींद पूरी न होने से शरीर का रिकवरी सिस्टम भी प्रभावित होता है।
मेलाटोनिन पर भी पड़ता है असर
मेलाटोनिन वह हार्मोन है, जो शरीर को सोने का संकेत देता है। इसका सिक्रेशन अंधेरा और कम तापमान दोनों पर निर्भर करता है। गर्मी में शरीर का तापमान कम नहीं हो पाता, जिससे मेलाटोनिन का स्तर प्रभावित हो सकता है। यही कारण है कि गर्मियों में देर तक नींद नहीं आती।
डिहाइड्रेशन भी बनता है वजह
विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन भी नींद खराब करने का बड़ा कारण है। पानी की कमी से:
- गला सूखता है
- मांसपेशियों में ऐंठन होती है
- बार-बार प्यास लगती है
- शरीर बेचैन रहता है
इन वजहों से रात में कई बार नींद टूटती है।
गहरी नींद के लिए 12 जरूरी टिप्स
गर्मियों में अच्छी और गहरी नींद पाने के लिए विशेषज्ञ कुछ आसान लेकिन असरदार उपाय बताते हैं:
- कमरे का तापमान ठंडा रखें।
- सोने से पहले हल्का भोजन करें।
- दिनभर पर्याप्त पानी पिएं।
- रात में कैफीन और चाय-कॉफी कम लें।
- सोने से पहले मोबाइल और स्क्रीन टाइम कम करें।
- हल्के और सूती कपड़े पहनें।
- कमरे में वेंटिलेशन अच्छा रखें।
- रोज एक ही समय पर सोने और उठने की आदत बनाएं।
- सोने से पहले गुनगुने पानी से नहाएं।
- रात में भारी एक्सरसाइज से बचें।
- तरबूज, खीरा और दही जैसी ठंडी चीजें खाएं।
- सोने से पहले मन को शांत रखने के लिए मेडिटेशन करें।
कौन-सी गलतियां नींद खराब करती हैं?
विशेषज्ञों के मुताबिक गर्मियों में कुछ सामान्य गलतियां नींद को और खराब कर सकती हैं:
- देर रात भारी खाना खाना
- बहुत ज्यादा मसालेदार भोजन लेना
- देर रात मोबाइल चलाना
- कम पानी पीना
- कमरे में खराब वेंटिलेशन
- ज्यादा तैलीय भोजन
- अनियमित स्लीप टाइम
यदि ये आदतें लगातार बनी रहें तो स्लीप साइकल लंबे समय तक प्रभावित हो सकती है।
कैसी होनी चाहिए डाइट?
गर्मियों में हल्की, सुपाच्य और हाइड्रेटिंग डाइट लेना जरूरी है। एक्सपर्ट के अनुसार डाइट में ये चीजें शामिल करनी चाहिए:
- दही
- छाछ
- नारियल पानी
- फल
- सलाद
- खीरा
- तरबूज
- हल्का भोजन
ऐसी चीजें शरीर को ठंडा रखती हैं और नींद बेहतर बनाने में मदद करती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सही स्लीप एनवायर्नमेंट, संतुलित डाइट और नियमित दिनचर्या अपनाई जाए तो गर्मियों में भी अच्छी और गहरी नींद ली जा सकती है। छोटी-छोटी अच्छी आदतें न केवल नींद सुधारती हैं, बल्कि ओवरऑल हेल्थ को भी बेहतर बनाती हैं।