सागर में गौंड बाबा मंदिर का भव्य निर्माण, प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम की तैयारियाँ!

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अंतिम चरण में पूर्व विवाद के बाद फिर गरमाया मामला, हिंदू संगठनों ने जताई नाराज़गी, आंदोलन की चेतावनी

पूर्व में हुआ था विवाद, दो लोग हुए थे घायल

कुछ महीने पूर्व इसी स्थल को लेकर गौंड बाबा मंदिर और पास ही स्थित जैन मंदिर के श्रद्धालुओं के बीच विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ा कि तनाव की स्थिति बन गई और घटनास्थल पर बाबू जड़िया सहित दो लोग घायल हो गए थे। इस पूरे मामले ने शहर की शांति व्यवस्था को प्रभावित किया था। बाद में प्रशासन और दोनों पक्षों की बैठक कराकर विवाद को शांत कराया गया था। हालांकि कोतवाली थाना में जैन समुदाय के लगभग दो दर्जन लोगों पर मामला दर्ज किया गया, जिनमें से अब तक सिर्फ तीन की गिरफ्तारी हुई है, जबकि बाकी आरोपी फरार हैं।

तीन दिवसीय आयोजन की रूपरेखा

हिंदू जागरण मंच के प्रमुख डॉ. उमेश सराफ ने बताया कि प्रशासन की बैठक में मंदिर निर्माण के लिए 711 वर्गफुट जगह स्वीकृत हुई, जिसमें 8×8 फुट का गर्भगृह बन रहा है।
तीन दिवसीय कार्यक्रम इस प्रकार होगा:

  • 6 जून, शुक्रवार (प्रथम दिन): गणेश पूजन, जलधिदास, अन्नादीपास, धरताधिदास कार्यक्रम
  • 7 जून, शनिवार (द्वितीय दिन): महाभिषेक शियादीदास एवं ग्राम परिक्रमा
  • 8 जून, रविवार (तृतीय दिन): मंडप पूजन, न्यास प्रतिष्ठा, कलश स्थापना, कुलदेवता पूजन, सिंगार दर्शन, हवन पूर्णाहुति और प्रसाद वितरण। इसके पश्चात शाम 4 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन होगा।

गिरफ्तारी न होने से असंतोष, आंदोलन की चेतावनी

  • विहिप अध्यक्ष अजय दुबे ने कहा कि सनातन धर्म को कुछ लोग कमजोर समझने की भूल कर रहे हैं। सत्य की हमेशा जीत होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दवाब के कारण अभी तक सिर्फ तीन गिरफ्तारियां हुई हैं और मुख्य आरोपियों को बचाया जा रहा है
    डॉ. सराफ ने कहा कि मंदिर निर्माण के दौरान भी आलोक जैन नामक युवक ने बार-बार विघ्न डाला, जिसकी पुलिस में शिकायत भी की गई। उन्होंने यह भी मांग की कि प्रशासन को जैन मंदिर की और शासकीय जमीन की स्थिति की जांच करनी चाहिए।
  • बीजेपी नेता गोविंद जड़िया ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर बाकी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं होती, तो हिंदू संगठन आंदोलन करेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई के बाद ढील दे दी, जिससे अपराधियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं।

घायल बाबू जड़िया ने राजीनामा के दबाव की बात कही

विवाद के दौरान घायल हुए बाबू जड़िया ने प्रेस को बताया कि उन पर लगातार राजीनामा का दबाव बनाया जा रहा है। कुछ नेताओं द्वारा उन्हें बुलाया भी गया, लेकिन उन्होंने मिलने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि राजीनामा के लिए पैसा लेने की अफवाहें भी उड़ाई जा रही हैं, जो पूर्णतः झूठ और भ्रामक हैं।

गौंड बाबा मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा एक धार्मिक उत्सव के साथ-साथ सामाजिक न्याय और सांप्रदायिक सौहार्द का परीक्षण भी बन गया है। जहां एक ओर सनातन संगठन इसे अपने आस्था और सम्मान की लड़ाई मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की निष्क्रियता और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर गंभीर आरोप भी लग रहे हैं।


अब देखना यह होगा कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी होती है या फिर मामला आंदोलन की ओर बढ़ेगा

ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !

संवाददाता – अर्पित सेन 

7806077338, 9109619237

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