
सागर, 12 जून 2025
कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अशोक वर्णवाल ने आज सागर में पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में विभिन्न महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रदेश में स्वावलंबी गौशालाओं का शीघ्र निर्माण कर उन्हें संचालन में लाया जाए, ताकि आवारा गौवंश की समस्या का प्रभावी समाधान हो सके। इसके साथ ही कृत्रिम गर्भाधान को प्रोत्साहित कर अधिक से अधिक पशुओं का नस्ल सुधार कराया जाए।

प्रत्येक ग्राम पंचायत में ‘मैत्री’ प्रशिक्षण शिविर आयोजित हों
राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में मैत्री प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने के निर्देश भी आयुक्त ने दिए, जिससे स्थानीय स्तर पर पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन पद्धतियों की जानकारी मिल सके। इसके अलावा आयुक्त ने स्मार्ट फिश पार्लर के निर्माण की आवश्यकता बताते हुए इसे प्राथमिकता से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए।

178 हेक्टेयर भूमि पर सागर में प्रारंभ हुई गौशाला
श्री वर्णवाल ने सागर कलेक्टर श्री संदीप जी आर की पहल की सराहना करते हुए बताया कि सागर जिले के देवल ग्राम में 178 हेक्टेयर भूमि पर गौशाला निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है, जो अन्य जिलों के लिए अनुकरणीय उदाहरण है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक गौशाला में कम से कम 5 हजार से लेकर 25 हजार गौवंश तक की क्षमता सुनिश्चित की जाए और इनका संचालन निजी संस्था के माध्यम से किया जाए।
चलित पशु चिकित्सालयों के माध्यम से इलाज को गति दें
आयुक्त ने कहा कि चलित पशु चिकित्सालयों के माध्यम से गौवंश का व्यापक इलाज किया जाए, जिससे पशुओं को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके। अब तक इन मोबाइल वैनों से बड़ी संख्या में मवेशियों का इलाज किया जा चुका है।

राष्ट्रीय पशुधन योजना को गति, सभी बैंक प्रकरण तत्काल निराकृत हों
श्री वर्णवाल ने राष्ट्रीय पशुधन योजना के अंतर्गत मुर्गी पालन, बकरी पालन, सूकर पालन एवं चरी-चारा विकास योजना के अंतर्गत बैंक प्रकरणों का तत्काल निराकरण कर हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
गौ-संवर्धन एवं कामधेनु योजनाओं का प्रचार-प्रसार करें
आचार्य विद्यासागर गौ-संवर्धन योजना एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के अधिक से अधिक आवेदन आमंत्रित कर उनका त्वरित निराकरण किया जाए। विशेष बात यह रही कि डॉ. अंबेडकर योजना में आय की कोई सीमा नहीं है, अर्थात आयकरदाता भी आवेदन कर सकते हैं।
दुग्ध समितियों के बैंक खाते सहकारी बैंकों में संचालित कराएं
आयुक्त ने निर्देशित किया कि मध्यप्रदेश स्टेट डेयरी फेडरेशन द्वारा सभी दुग्ध समितियों और उनके सदस्यों के बैंक खाते सहकारी बैंकों में संचालित कराए जाएं ताकि भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो सके। इसके अलावा नवीन मिल्क पार्लर की स्थापना भी आवश्यकता अनुसार कराई जाए।

मध्यप्रदेश बना देश में दुग्ध उत्पादन का अग्रणी राज्य
समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश देश के कुल दुग्ध उत्पादन में 9 प्रतिशत योगदान देता है। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के क्रियान्वयन में भी प्रदेश अग्रणी है। गायों की नस्ल सुधार तकनीक के तहत पशुपालकों से मात्र ₹100 शुल्क लेकर उच्च नस्ल की गायों का प्रत्यारोपण किया जा रहा है, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है।
सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए गए कि वे पशुपालकों को इन योजनाओं से अधिकाधिक लाभ दिलवाएं। कुक्कुट पालन और बकरी पालन के माध्यम से भी आय वृद्धि के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
मत्स्य विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा
समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव पशुपालन व मत्स्य विभाग श्री उमाकांत उमराव ने बताया कि प्रदेश में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना और मछुआ क्रेडिट कार्ड योजना संचालित हैं। इन योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आयुक्त श्री वर्णवाल ने अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि मत्स्य पालन की आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए मछुआ किसानों को प्रेरित किया जाए। इस दौरान टीकमगढ़ जिले से आए लाभान्वित मछुआरों ने अपनी सफलता की कहानी वीडियो के माध्यम से साझा की, जिससे सभी अधिकारियों को प्रेरणा मिली।
उपस्थित रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव, सचिव श्री सत्येन्द्र सिंह, संभागायुक्त डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत, सागर कलेक्टर श्री संदीप जी. आर., सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायतों के सीईओ, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के अधिकारी एवं हितग्राही उपस्थित रहे।