
डॉ. सर हरि सिंह गौर की जयंती के अवसर पर सागर जिले में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत के निज निवास मातेश्वरी पर शिरकत की। इस अवसर पर मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत और जिले भर से उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने उप-मुख्यमंत्री का आत्मीयता और गर्मजोशी से स्वागत किया।

बुंदेली व्यंजनों से स्वागत
मंत्री श्री राजपूत ने स्नेह भोज का आयोजन किया, जिसमें विशेष रूप से बुंदेली व्यंजनों की व्यवस्था की गई। उप-मुख्यमंत्री सहित उपस्थित सभी अतिथियों ने भोजन का आनंद लिया और बुंदेली संस्कृति का सम्मान करते हुए आयोजन की सराहना की।
डॉ. सर हरि सिंह गौर को भारत रत्न दिए जाने की अपील
इस अवसर पर जिले भर के जनप्रतिनिधियों ने उप-मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल से डॉ. सर हरि सिंह गौर को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने को लेकर विस्तार से चर्चा की। जनप्रतिनिधियों ने गौर साहब के त्याग, परिश्रम और उनके द्वारा बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए किए गए अभूतपूर्व योगदान को रेखांकित किया।
प्रतिनिधियों ने बताया कि जिस समय सागर जैसे क्षेत्र में सामान्य लेखन सामग्री तक का अभाव था, उस समय गौर साहब ने अपनी संपत्ति दान करके सागर विश्वविद्यालय की स्थापना की। इस विश्वविद्यालय ने न केवल बुंदेलखंड बल्कि पूरे देश को एक नई पहचान दी है। उनके योगदान को देखते हुए भारत रत्न से सम्मानित करना न केवल बुंदेलखंड बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय होगा।
उप-मुख्यमंत्री का आश्वासन
चर्चा के दौरान उप-मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने सभी जनप्रतिनिधियों की भावनाओं को समझते हुए आश्वासन दिया कि डॉ. सर हरि सिंह गौर को भारत रत्न दिलाने के प्रयास में वे पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता से सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल सागर ही नहीं, बल्कि पूरे देश का विषय है और गौर साहब की विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलनी चाहिए।
प्रमुख व्यक्तियों की उपस्थिति
इस विशेष अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत ने उप-मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में सांसद श्रीमती लंता बानखेड़े, सागर विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, नरयावली विधायक श्री प्रदीप लारिया, बंडा विधायक श्री वीरेंद्र सिंह लंबरदार, पूर्व विधायक सुधा जैन, पूर्व मंत्री नारायण प्रसाद कबीरपंथी, ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के कुलपति आदित्य सिंह राजपूत, एस.वी.एन. विश्वविद्यालय के कुलपति अनिल तिवारी समेत कई गणमान्य उपस्थित रहे।
संस्कृति और विकास का संगम
यह कार्यक्रम न केवल डॉ. सर हरि सिंह गौर के योगदान को श्रद्धांजलि देने का अवसर बना, बल्कि बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास और उसकी संस्कृति को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने इस आयोजन की सराहना की और इसे भविष्य में भी ऐसी चर्चाओं का प्रेरक बताया।
उप-मुख्यमंत्री का यह दौरा क्षेत्रीय विकास और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।