
जनवरी 2024 में प्रस्तावित अग्निवीर भर्ती परीक्षा सागर जिले के शासकीय इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा 10 जिलों के 9000 से अधिक परीक्षार्थियों की भागीदारी के साथ सम्पन्न होगी। कलेक्टर श्री संदीप जी आर के निर्देशन में परीक्षा की तैयारियां तीव्र गति से चल रही हैं।
निरीक्षण का विवरण:
1. निरीक्षण दल:
- अपर कलेक्टर: श्री रुपेश उपाध्याय
- सेना के अधिकारी: कर्नल श्री कमलेश कुमार और अन्य
- एसडीएम: श्रीमती अदिति यादव
- अन्य अधिकारी
2. निरीक्षण स्थल:
शासकीय इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज, सागर।
प्रमुख निर्देश और तैयारियां:
1. बुनियादी सुविधाएं:
- प्रकाश व्यवस्था: परिसर में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश।
- चलित शौचालय: पूरे परिसर के चारों ओर मोबाइल शौचालय उपलब्ध कराने का निर्देश।
- पेयजल: पेयजल टैंकर की व्यवस्था सुनिश्चित।
- फायर ब्रिगेड: अग्निकांड की स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की तैनाती।
- बैरिकेडिंग: आयोजन स्थल की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग का निर्देश।
2. चिकित्सा सुविधा:
- भर्ती के दौरान एंबुलेंस, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और दवाओं की उपलब्धता।
- आवश्यकता पड़ने पर तत्काल इलाज के लिए अस्थाई अस्पताल की स्थापना।
3. अन्य प्रबंधन:
- परीक्षा स्थल का रख-रखाव: परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए कॉलेज परिसर को व्यवस्थित और स्वच्छ रखने के निर्देश।
- यातायात प्रबंधन: परीक्षार्थियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए यातायात नियंत्रण और पार्किंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान।

सेना अधिकारियों का मत:
कर्नल श्री कमलेश कुमार ने निरीक्षण के दौरान व्यवस्था को लेकर संतोष व्यक्त किया और कहा कि प्रशासन के सहयोग से परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित होगी।
सम्भावित चुनौतियां एवं समाधान:
- भीड़ प्रबंधन:
- बैरिकेडिंग और पुलिस बल की तैनाती।
- सुविधाओं की निगरानी:
- नोडल अधिकारी द्वारा समय-समय पर निरीक्षण।
- स्वास्थ्य आपातकाल:
- प्रशिक्षित मेडिकल टीम की उपलब्धता।
निष्कर्ष:
अग्निवीर भर्ती परीक्षा की तैयारियां कलेक्टर के निर्देशानुसार सुव्यवस्थित रूप से चल रही हैं। प्रशासन और सेना का संयुक्त प्रयास इस आयोजन को सफल बनाने में सहायक होगा।
आगामी कार्य:
- तैयारियों की नियमित समीक्षा।
- समयबद्ध रूप से सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना।
- परीक्षा के दौरान सभी व्यवस्थाओं की सतर्क निगरानी।