मध्य प्रदेश के सागर जिले में देवरी विधानसभा सीट के भाजपा विधायक बृजबिहारी पटेरिया की बेटी प्रियंका पटेरिया पर उनके ही चचेरे भाई विनीत पटेरिया और भतीजे कुशाल पटेरिया द्वारा जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। यह घटना न केवल व्यक्तिगत और पारिवारिक विवाद का संकेत देती है बल्कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की गहरी छाया को भी उजागर करती है।

घटना का विवरण
घटना गुरुवार सुबह बिजौरा गांव स्थित विधायक निवास पर हुई। प्रियंका पटेरिया ने बताया कि वह अपने घर में थीं, तभी उनके चचेरे भाई विनीत पटेरिया, जो जनपद अध्यक्ष के प्रतिनिधि हैं, और उनके बेटे कुशाल पटेरिया ने घर में घुसकर मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए प्रियंका का गला पकड़ लिया और जान से मारने की धमकी दी।
घटना के दौरान प्रियंका ने किसी तरह से खुद को बचाने की कोशिश की। परिवार के अन्य सदस्यों ने बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई। आरोप है कि विनीत और कुशाल ने उन्हें धमकाया, “जो इतना क्षेत्र में घूम रही हो, अब अगर कहीं दिख गई तो जान से मार देंगे।”
प्रियंका पटेरिया की भूमिका और विवाद का कारण
प्रियंका पटेरिया अपने पिता की अनुपस्थिति में क्षेत्र में सक्रिय रहती हैं। वह जनता के सुख-दुख में शामिल होने के साथ-साथ चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण भी करती हैं। प्रियंका का कहना है कि उनकी यह सक्रियता विपक्षियों और कुछ परिवारजनों को पसंद नहीं आ रही है।
उन्होंने कहा, “पिताजी के भोपाल में रहने के दौरान मैं क्षेत्र के विकास और जनता के मुद्दों को संभालती हूं। संभवतः इसी वजह से मुझे निशाना बनाया जा रहा है।”

विधायक और पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद, विधायक बृजबिहारी पटेरिया बेटी को लेकर सीधे देवरी एसडीओपी कार्यालय पहुंचे और एफआईआर दर्ज करवाई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रियंका का मेडिकल परीक्षण कराया और आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
आरोपियों के खिलाफ 296, 331(1), 115(2), 118(2), और 351/33(5) धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

राजनीतिक और पारिवारिक प्रभाव
यह घटना न केवल एक पारिवारिक विवाद तक सीमित है बल्कि इसकी राजनीतिक पृष्ठभूमि भी महत्वपूर्ण है। विधायक के परिवार में इस तरह का सार्वजनिक विवाद भाजपा की छवि को प्रभावित कर सकता है।
घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। प्रियंका के दावे के अनुसार, उनके खिलाफ यह कदम विपक्ष और परिवार के उन सदस्यों द्वारा उठाया गया है, जो उनकी सक्रियता से असहज महसूस कर रहे हैं।
समाज और मीडिया की प्रतिक्रिया
इस घटना ने मीडिया और जनता का ध्यान खींचा है। जनता में यह सवाल उठ रहा है कि पारिवारिक विवाद इस हद तक कैसे बढ़ गया कि विधायक की बेटी को जान से मारने की धमकी दी गई।
निष्कर्ष
यह घटना एक गंभीर मुद्दा है जो पारिवारिक विवाद, राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और सामाजिक तनाव का संगम है। पुलिस जांच के निष्कर्षों पर जनता की नजरें टिकी हैं। इस घटना से न केवल प्रभावित परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में सामाजिक और राजनीतिक माहौल पर प्रभाव पड़ने की संभावना है।
पुलिस और प्रशासन को इस मामले में निष्पक्षता और सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए ताकि जनता का कानून और न्याय व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।