सागर जिले के खुरई क्षेत्र के बंदरावठा गांव में शुक्रवार को एक दुखद घटना घटी, जहां 18 वर्षीय युवक की सिंचाई के दौरान करंट लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान अजय अहिरवार, निवासी बंदरावठा, थाना पठारी, जिला विदिशा, के रूप में हुई है।

घटना का विवरण
श्रम करते समय हुआ हादसा
अजय अहिरवार गांव के पहलवान रजक के खेत में सिंचाई का काम कर रहा था। सिंचाई के दौरान वह बिजली के संपर्क में आ गया, जिससे उसे करंट का झटका लगा।
- तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया:
घटना के बाद ग्रामीणों और खेत मालिक के परिजनों ने अजय को तुरंत खुरई सिविल अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। - पोस्टमार्टम की तैयारी:
शव को खुरई सिविल अस्पताल की मर्चरी में रखवाया गया है। आज शनिवार को पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

घटना के कारण
बिजली के संपर्क में आने से मौत
खेत मालिक के परिवार के सदस्य संजय रजक ने बताया कि सिंचाई के दौरान अजय किसी तरह बिजली के संपर्क में आ गया। माना जा रहा है कि खेत में उपयोग किए जा रहे सिंचाई उपकरणों या बिजली आपूर्ति में खराबी के कारण यह घटना हुई।
- सुरक्षा मानकों की कमी:
खेतों में अक्सर सिंचाई के लिए अनियमित बिजली कनेक्शन और असुरक्षित उपकरणों का इस्तेमाल होता है। प्राथमिक जांच में यही कारण घटना के पीछे माना जा रहा है।
पुलिस कार्रवाई
खुरई पुलिस ने घटना की सूचना मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह जांच कर रही है कि करंट लगने का कारण बिजली के उपकरणों में खराबी थी या किसी अन्य मानवीय लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।
- खेत मालिक की भूमिका:
घटना के दौरान खेत में मौजूद लोगों और मालिक पहलवान रजक से भी पूछताछ की जा रही है।

मृतक का परिवार और सामाजिक स्थिति
अजय अहिरवार, जो केवल 18 वर्ष का था, अपने परिवार का महत्वपूर्ण सदस्य था। वह आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से था और खेत में मजदूरी कर अपने परिवार की मदद करता था।
- ग्रामीणों में शोक:
इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने इसे प्रशासन और बिजली विभाग की लापरवाही का नतीजा बताया।
संभावित प्रशासनिक कदम
मुआवजे की मांग:
परिजन और ग्रामीणों ने सरकार से मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता और खेत में बिजली आपूर्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
- बिजली विभाग की जांच:
बिजली विभाग की टीम को घटना स्थल पर बुलाया गया है ताकि बिजली के कनेक्शन और उपकरणों की जांच की जा सके।
इस घटना ने खेतों में बिजली और सिंचाई उपकरणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
- सुरक्षा उपाय:
खेतों में बिजली उपकरणों की नियमित जांच और सुरक्षित वायरिंग की आवश्यकता है। - प्रशासनिक जागरूकता:
मजदूरों और किसानों को बिजली सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। - आर्थिक सहायता:
मृतक के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जानी चाहिए।
यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि खेतों में काम करने वाले मजदूरों के लिए सुरक्षा उपायों की अनदेखी का एक उदाहरण है। प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।