गुना जिले में महिला को ब्लैकमेल करने का मामला: वीडियो बनाकर मांगे तीन लाख रुपये, चार आरोपी गिरफ्तार

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गुना जिले के सिरसी इलाके में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक महिला का नहाते समय वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करने और तीन लाख रुपये की मांग करने के आरोप में चार युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह मामला पिछले वर्ष जुलाई से चल रहा था और पीड़ित महिला के बेटे द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद आरोपियों को पकड़ा गया।


घटना का विवरण

वीडियो बनाने की शुरुआत:
घटना की शुरुआत जुलाई 2023 में हुई, जब सिरसी इलाके के कुछ युवक क्रिकेट खेल रहे थे। खेल के दौरान बॉल एक मकान के ऊपर चली गई। बॉल लाने के लिए जयपाल नाम का युवक छत पर गया। वहीं से उसने देखा कि पास के घर में एक महिला नहा रही थी। जयपाल ने मौके का फायदा उठाकर महिला का वीडियो बना लिया और फिर बॉल लेकर नीचे आ गया।

ब्लैकमेल की साजिश:
कुछ दिनों बाद जयपाल ने यह वीडियो अपने दोस्तों दीपक ओझा, मोनू बैरागी और भोला यादव को दिखाया। यहीं से महिला को ब्लैकमेल करने की साजिश शुरू हुई।

  • मोनू बैरागी ने महिला को ब्लैकमेल करने का सुझाव दिया।
  • चारों युवकों ने वीडियो का इस्तेमाल कर महिला से पैसे वसूलने की योजना बनाई।

ब्लैकमेल और धमकी

पहले दो बार पैसे लिए गए:
महिला को वीडियो दिखाकर डराने और बदनामी का डर दिखाकर पहले दो बार 15-15 हजार रुपये वसूले गए। इसके बाद युवकों ने तीन लाख रुपये की मांग की।

परिवार को वीडियो भेजकर दबाव बनाया:
जब महिला ने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपियों ने 7 नवंबर 2024 को महिला के छोटे बेटे को वह वीडियो भेज दिया। इसके साथ उसे धमकी दी गई कि पैसे नहीं दिए गए तो यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा।

फोटो भी भेजे गए:
आरोपियों ने दबाव बनाने के लिए महिला के जेठ के लड़के को भी महिला के नहाते समय ली गई तस्वीरें भेज दीं।


पुलिस की कार्रवाई

शिकायत दर्ज और जांच:
8 नवंबर 2024 को महिला के बेटे ने कैंट थाने में पहुंचकर इस मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

गिरफ्तारी:
पुलिस ने सभी आरोपियों—जयपाल, दीपक ओझा, मोनू बैरागी, और भोला यादव—को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनके पास से घटना से जुड़े डिजिटल उपकरण और अन्य सबूत भी जब्त किए हैं।


सामाजिक और कानूनी पहलू

आरोपियों की मानसिकता:
यह घटना समाज में महिलाओं के प्रति असुरक्षा की भावना को उजागर करती है। आरोपी युवकों ने अपनी मनोरंजन और लालच की प्रवृत्ति के चलते न केवल महिला की गोपनीयता का हनन किया बल्कि उसके परिवार पर भी मानसिक दबाव डाला।

कानूनी कार्रवाई:
आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

  • वीडियो बनाना और ब्लैकमेल करना अपराध की श्रेणी में आता है।
  • पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी सबूत अदालत में पेश किए जाएंगे।

  1. सुरक्षा और जागरूकता:
    यह घटना एक चेतावनी है कि महिलाओं की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी और कानूनी उपायों को सख्ती से लागू किया जाए।
  2. सोशल मीडिया का दुरुपयोग:
    डिजिटल प्लेटफॉर्म पर गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े नियम लागू किए जाने चाहिए।
  3. आरोपियों को कड़ी सजा:
    पीड़िता को न्याय दिलाने और समाज में एक उदाहरण स्थापित करने के लिए आरोपियों को सख्त सजा दी जानी चाहिए।
  4. परिवार और समाज की भूमिका:
    महिलाओं को ब्लैकमेल जैसी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित करना जरूरी है। परिवार और समाज को पीड़ित के समर्थन में खड़ा होना चाहिए।

यह घटना समाज में नैतिकता और कानून के महत्व को रेखांकित करती है। पुलिस और न्याय व्यवस्था को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दोषियों को सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

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