सागर: जिला औषधि विभाग की सख्त कार्रवाई, तीन मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित, आठ को नोटिस जारी

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सागर, मध्यप्रदेश: सागर जिले में जिला औषधि विभाग द्वारा औषधि नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। औषधि दुकानों की लगातार जांच के तहत सोमवार को जिले की 43 मेडिकल दुकानों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से कई पर अनियमितताएं पाई गईं। इस कार्रवाई में तीन मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि आठ स्टोर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।


नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नकेल

जिला अनुज्ञप्ति अधिकारी प्रीतस्वरूप ने बताया कि औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली, 1945 के तहत नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित स्टोर्स पर कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ स्टोर्स पर दवाओं का उचित रिकॉर्ड नहीं रखा गया, कुछ पर बिना अनुमति के अनियमित रूप से औषधि विक्रय हो रहा था, जबकि अन्य मामलों में दवाओं का रखरखाव नियमों के अनुसार नहीं किया गया था।


लाइसेंस निलंबित किए गए मेडिकल स्टोर्स

कार्रवाई के दौरान निम्नलिखित मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित किए गए:

  1. सिंघई मेडिकल स्टोर, जबलपुर रोड, नेहा नगर, मकरोनिया
  2. मेसर्स माही मेडिको, बंडा
  3. आदि मेडिकल स्टोर, बंडा

इन स्टोर्स पर औषधियों की बिक्री और रखरखाव में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके चलते इनके संचालन पर रोक लगाई गई।


कारण बताओ नोटिस जारी

आठ अन्य मेडिकल स्टोर्स को विभिन्न प्रकार की अनियमितताओं के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। ये स्टोर्स हैं:

  1. अश्विन केमिस्ट, दीनदयाल नगर, मकरोनिया, सागर
  2. चिरायु मेडिकल स्टोर, खुरई रोड, सागर
  3. अरिहंत मेडिकल स्टोर, विद्या सागर नगर, सागर
  4. श्री शिवाय मेडिकल स्टोर, खुरई बस स्टैंड, सागर
  5. आजाद मेडिकल स्टोर, रामपुरा वार्ड, सागर
  6. चौधरी मेडिकल स्टोर, तिलकगंज वार्ड, सागर
  7. चैतन्य मेडिकल स्टोर, शुक्रवारी वार्ड, सागर
  8. मेसर्स बालाजी मेडिकल एंड सर्जिकल, शास्त्री वार्ड, सागर

इन स्टोर्स से औषधि विभाग ने अनियमितताओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया, तो इनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।


औषधियों के नमूनों की जांच

औषधि विभाग ने 15 मेडिकल स्टोर्स से विभिन्न दवाओं के नमूने लेकर विश्लेषण के लिए भेजे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि गुणवत्ता मानकों में कमी पाई गई तो संबंधित दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


अधिकारियों की प्रतिक्रिया

जिला अनुज्ञप्ति अधिकारी प्रीतस्वरूप ने कहा:

“औषधि नियमों का पालन सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। जो भी स्टोर्स नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ न केवल लाइसेंस निलंबन बल्कि सीलिंग की कार्रवाई भी की जाएगी।”


औषधि विभाग की सतर्कता पर स्थानीय प्रतिक्रिया

जिले में औषधि विभाग की इस सख्ती का स्थानीय स्तर पर सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है। लोगों का मानना है कि इस प्रकार की नियमित जांच से नकली या घटिया गुणवत्ता वाली दवाओं की बिक्री पर रोक लगेगी और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। हालांकि, कुछ स्टोर संचालकों ने इसे अनुचित दबाव बताया है। औषधि विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई जिले के सभी मेडिकल स्टोर्स पर जारी रहेगी। आने वाले दिनों में और अधिक मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया जाएगा। अनियमितताओं को रोकने और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान सख्ती से लागू रहेगा।


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