मध्यप्रदेश में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों के विरोध में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन

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मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में मंगलवार को हिंदू संगठनों और समाज ने बांग्लादेश में हिंदुओं और संतों पर हो रहे कथित हमलों के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान कई स्थानों पर बाजार बंद रहे, रैलियां निकाली गईं और जनसभाएं आयोजित की गईं। इन विरोध प्रदर्शनों ने सांप्रदायिक एकता और धार्मिक स्वतंत्रता की मांग को बल दिया।


प्रमुख जिलों में विरोध प्रदर्शन की स्थिति

1. रतलाम: जन आक्रोश रैली और सांप्रदायिक एकता के नारे

रतलाम में जन आक्रोश रैली में भारी संख्या में लोग शामिल हुए। जय जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारों से मां कालिका मंदिर परिसर गूंज उठा।

  • प्रमुख नेता उपस्थित: कैबिनेट मंत्री चेतन काश्यप, पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी, ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर, और आलोट विधायक चिंतामन मालवीय।
  • वकीलों और किन्नरों की भागीदारी: रैली में वकील और किन्नर समुदाय के लोग भी शामिल हुए, जिससे यह प्रदर्शन और अधिक समावेशी हो गया।

2. बैतूल: सकल हिंदू समाज की बाइक रैली

बैतूल के मुलताई में सकल हिंदू समाज ने बाइक रैली निकालकर दुकानों को बंद करवाया।

  • न्यू बैतूल ग्राउंड पर जनसभा: हिंदू संगठनों के नेतृत्व में सैकड़ों लोग बांग्लादेश में हो रहे अत्याचारों का विरोध करने के लिए एकत्रित हुए।
  • रैली का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

3. राजगढ़: 100 फीट ऊंचा भगवा ध्वज और हिंदू राष्ट्र की मांग

राजगढ़ में भाजपा विधायक अमर सिंह यादव ने एक बड़ा भगवा ध्वज फहराते हुए भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग की।

  • विधायक का बयान: “बागेश्वर बाबा ने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की पहल की है। हम इसे आगे बढ़ा रहे हैं।”

4. विदिशा: व्यापार बंद और सामूहिक संकल्प

विदिशा में हिंदू समाज ने माधवगंज चौराहे पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया।

  • व्यापारियों की भागीदारी: दोपहर में शहर के व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं।
  • प्रांत संयोजक ब्रजकिशोर भार्गव का संबोधन: उन्होंने जनता को धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का संकल्प दिलाया।

5. रायसेन: हनुमान चालीसा पाठ और बाजार बंद

रायसेन में हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और बाजार बंद रहे। प्रदर्शनकारियों ने धार्मिक स्थलों से हिंदू समाज को संगठित करने की अपील की।

6. गुना: रैली और आमसभा

गुना में हनुमान चौराहे पर आमसभा के बाद एक रैली निकाली गई।

  • रैली ने जयस्तंभ चौराहा, तेलघानी, और अन्य मुख्य बाजारों का भ्रमण किया।
  • रैली का समापन हनुमान चौराहे पर हुआ।

7. नर्मदापुरम: संघ के नेतृत्व में रैली

नर्मदापुरम में जन आक्रोश रैली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।

  • रैली में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों की निंदा की गई।

प्रदर्शन का उद्देश्य और मांग

  • बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले: प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश में हिंदू समाज और इस्कॉन मंदिर के पुजारी चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की।
  • भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग: राजगढ़ जैसे स्थानों पर इसे प्रमुखता से उठाया गया।
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हस्तक्षेप की मांग: प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाने की अपील की ताकि हिंदुओं के खिलाफ हो रहे हमले रुक सकें।

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया

हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई और पुलिस बल तैनात किया। राज्य सरकार ने फिलहाल इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।


विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि ये प्रदर्शन मध्यप्रदेश में आगामी चुनावों से पहले धार्मिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे सकते हैं। इस तरह के मुद्दों का स्थानीय राजनीति पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। मध्यप्रदेश में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों के विरोध में व्यापक जनसमर्थन देखने को मिला। विभिन्न जिलों में हुए ये प्रदर्शन इस बात का संकेत हैं कि हिंदू समाज इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठा रहा है। प्रदर्शनकारियों की मांगों पर सरकार और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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