तुलसीनगर मल्लपुरा में डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा का भव्य अनावरण !

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रविवार का दिन सागर के सुभाष नगर वार्ड स्थित तुलसीनगर मल्लपुरा मोहल्ले के लिए ऐतिहासिक और गर्व से भरा रहा। पहली बार किसी वार्ड स्तर पर भारत रत्न, संविधान निर्माता, महान शिक्षाविद और सामाजिक न्याय के पुरोधा डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा का अनावरण एक गरिमामय समारोह के साथ किया गया। यह आयोजन न केवल मोहल्लेवासियों के लिए गौरव का विषय था, बल्कि पूरे शहर में एक नई चेतना और प्रेरणा का संचार करने वाला क्षण भी बना।

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किया लोकार्पण

इस ऐतिहासिक अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने “डॉ. अंबेडकर विधान चौक” का लोकार्पण कर डॉ. अंबेडकर जी की प्रतिमा का अनावरण किया। उनके साथ सागर विधायक श्री शैलेंद्र जैन, नगर निगम के पार्षदगण, समाजसेवी, वार्डवासी और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

वार्ड स्तर पर अनूठी पहल

इस मौके पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा, “यह पहली बार है जब किसी वार्ड या मोहल्ले में डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा स्थापित की गई है। अब तक प्रतिमाएँ प्रायः प्रमुख चौक-चौराहों पर लगाई जाती थीं, लेकिन इस पहल ने साबित कर दिया कि अब आम नागरिकों का जुड़ाव बाबा साहेब के विचारों से और भी गहरा हो रहा है।”

उन्होंने आगे कहा कि “डॉ. अंबेडकर सिर्फ संविधान निर्माता ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने समाज को समानता, शिक्षा और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। मोहल्ले के बच्चों, युवाओं और नागरिकों के लिए यह प्रतिमा एक प्रेरणास्रोत बनकर सामने आएगी। इससे वे बाबा साहेब के व्यक्तित्व और विचारों को जान सकेंगे, और उनके पदचिन्हों पर चलकर समाज और देश के विकास में भागीदार बन सकेंगे।”

समाज में जागरूकता का नया आयाम

डॉ. अंबेडकर जी की प्रतिमा स्थापना का उद्देश्य केवल श्रद्धा ज्ञापन नहीं, बल्कि नव पीढ़ी को उनके विचारों से जोड़ना भी है। वार्ड स्तर पर प्रतिमा स्थापित करना एक सांस्कृतिक और वैचारिक क्रांति का प्रतीक है। यह युवा मनों में यह चेतना जाग्रत करेगा कि शिक्षा, आत्मसम्मान और अधिकारों के लिए संघर्ष ही सच्ची सफलता की कुंजी है।

मंत्री राजपूत ने कहा कि बाबा साहेब ने अपना पूरा जीवन सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष में समर्पित कर दिया। आज जब समाज विविध स्तरों पर चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे समय में अंबेडकर जी के विचार हमें दिशा दिखा सकते हैं।

विधायक शैलेंद्र जैन ने सराहा

कार्यक्रम में उपस्थित विधायक श्री शैलेंद्र जैन ने आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पहल समाज में सामाजिक समरसता, प्रेरणा और जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा, “हमारे बच्चों को अब किताबों से परे, वास्तविक जीवन में ऐसे प्रेरणादायी व्यक्तित्वों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। बाबा साहेब का जीवन संघर्ष और सफलता की मिसाल है।”

जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की सहभागिता

इस कार्यक्रम में नगर निगम के पार्षदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम स्थल पर स्वच्छता, सजावट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से माहौल को गरिमामय बनाया गया। स्कूल के बच्चों ने “जय भीम” नारों और देशभक्ति गीतों से पूरे वातावरण को भावनाओं से भर दिया।

बच्चों और युवाओं में उत्साह

मोहल्ले के बच्चों और युवाओं ने कार्यक्रम में विशेष उत्साह दिखाया। बच्चों ने बाबा साहेब के जीवन पर आधारित पोस्टर और निबंध प्रस्तुत किए। वहीं, युवाओं ने उनके विचारों पर आधारित भाषण दिए। “मैं भी डॉक्टर अंबेडकर बनूंगा”, “शिक्षा मेरा अधिकार है”, “न्याय के लिए लड़ाई बाबा साहेब से सीखनी है” जैसे नारे पूरे वातावरण में गूंजते रहे।

प्रेरणादायक स्मृति स्थल बना विधान चौक

“डॉ. अंबेडकर विधान चौक” अब न केवल एक चिन्हित स्थल बन गया है, बल्कि यह क्षेत्र के लिए सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समानता का प्रतीक स्थल भी बन गया है। मोहल्ले के बुजुर्गों का कहना है कि इस प्रतिमा की स्थापना से बच्चों में बाबा साहेब को जानने और उनके बताए रास्ते पर चलने की अभिरुचि बढ़ेगी।

इस आयोजन ने साबित कर दिया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल इतिहास के पन्नों में बंद एक नाम नहीं, बल्कि आज भी वे समाज को प्रेरणा, दिशा और आत्मबल देने वाले जीवंत आदर्श हैं। सुभाष नगर वार्ड का यह प्रयास आने वाले समय में अन्य वार्डों और मोहल्लों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता है। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और आयोजन समिति को यह श्रेय दिया जा सकता है कि उन्होंने डॉ. अंबेडकर जी की स्मृति को जनता के दिलों में और भी करीब ला दिया।

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