सागर शहर आज एक ऐतिहासिक और गर्वपूर्ण क्षण का साक्षी बना, जब 108 फीट ऊँचे भव्य राष्ट्रीय ध्वज का लोकार्पण भारतीय सेना की शाहबाज़ डिवीजन द्वारा किया गया। यह ध्वज न केवल सागर जिले का पहला इतना ऊँचा तिरंगा है, बल्कि यह आने वाले समय में शहर की नई पहचान और देशभक्ति के प्रतीक के रूप में भी देखा जाएगा।

यह आयोजन भारतीय सेना की 36 रैपिड (स्ट्राइक) डिविजन की हीरक जयंती (Diamond Jubilee) के अवसर पर संपन्न हुआ, जो पिछले 60 वर्षों से राष्ट्र की सेवा, बलिदान और निष्ठा का प्रतीक रही है। इस गरिमामयी आयोजन में मेजर जनरल के.टी.जी. कृष्णन, जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC), 36 रैपिड (स्ट्राइक) डिविजन द्वारा ध्वज का लोकार्पण किया गया।
आयोजन की खास बातें:
- कार्यक्रम का सफल संचालन 636 ईएमई बटालियन की कमांडिंग ऑफिसर कर्नल कामिनी पोखरिया के नेतृत्व में शाहबाज़ ईगल्स टीम द्वारा किया गया।
- इस ऐतिहासिक ध्वजारोहण में सेना के अधिकारीगण, पूर्व सैनिक, सिविल नागरिक, छात्र-छात्राएं एवं आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
- ध्वजस्थल पर सभी की निगाहें गर्व से तिरंगे पर टिकी रहीं और वातावरण “वंदे मातरम्” और “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा।

ध्वज का महत्व:
यह विशाल तिरंगा, अब प्रतिदिन न सिर्फ शहरवासियों को गौरवान्वित करेगा बल्कि यह शाहबाज़ डिविजन के जवानों के शौर्य, अनुशासन और समर्पण की अमिट छवि को भी प्रतिबिंबित करेगा। यह ध्वज आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर मेजर उत्कर्ष खरे ने उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों, सेना के अधिकारियों, आयोजक टीम और सहयोगी संस्थाओं का आभार प्रकट किया, जिनके अथक प्रयासों से यह आयोजन सफल और स्मरणीय बन सका।

यह आयोजन सागर डिविजन की जनता को समर्पित एक प्रेरणास्पद भेंट के रूप में याद किया जाएगा, जो शहर को देशभक्ति, शौर्य और एकता के प्रतीक रूप में और अधिक सशक्त बनाएगा।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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