सागर कलेक्टर संदीप जी आर की पहल रंग ला रही !

Spread the love

सागर, मध्यप्रदेश |
प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और ईमानदारी से किए गए दायित्वों के निर्वहन को प्रोत्साहित करने हेतु कलेक्टर श्री संदीप जी आर द्वारा उठाए गए एक सराहनीय कदम का सकारात्मक असर अब दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में आज आयोजित समय सीमा बैठक में कलेक्टर द्वारा एसडीएम कार्यालय सागर में पदस्थ स्टेनो ग्रेड-2 मोहिनी उपाध्याय को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने पूर्व में हुई समय सीमा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी अपने प्रशासनिक दायित्वों का निष्ठा, कर्तव्यपरायणता और समयबद्धता से निर्वहन करेगा, उसे प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इस निर्देश का उद्देश्य न केवल कार्यसंस्कृति में सुधार लाना है, बल्कि कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए मान्यता देकर प्रेरित करना भी है।

स्टेनो ग्रेड-2 मोहिनी उपाध्याय को यह पुरस्कार टीएल (टाइम लिमिटेड) और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समय पर एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के लिए दिया गया है। साथ ही, उन्होंने अपने प्रशासनिक कार्यों में अनुशासन, जवाबदेही और पारदर्शिता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी इसी कार्यनिष्ठा को देखते हुए कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका मनोबल बढ़ाया।

पुरस्कार प्राप्ति के उपरांत मोहिनी उपाध्याय ने कहा, “कलेक्टर श्री संदीप जी आर की यह पहल अत्यंत प्रेरणादायक है। इससे सरकारी कर्मचारियों में अपने दायित्वों के प्रति जागरूकता और लगन दोनों बढ़ती है। जब कर्मचारियों को उनके मेहनत के लिए सार्वजनिक रूप से सराहा जाता है, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने कार्य को और अधिक समर्पण के साथ निभाते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि इस सम्मान ने उन्हें और अधिक कर्तव्यनिष्ठ बनने की प्रेरणा दी है, और वे भविष्य में भी इसी प्रकार शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं जनता की शिकायतों के निवारण में पूरी निष्ठा से कार्य करती रहेंगी।

कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों से कहा कि यह सम्मान सिर्फ एक शुरुआत है। “हमारा लक्ष्य है कि हर कार्यालय में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही की भावना को मजबूत किया जाए। जब अधिकारी तय समयसीमा में जनशिकायतों का समाधान करेंगे और योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित करेंगे, तभी जनता का विश्वास प्रशासन पर और मजबूत होगा।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसे और भी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चिन्हित कर सम्मानित किया जाएगा जो जनहित में अपनी भूमिका को जिम्मेदारी से निभा रहे हैं। यह परंपरा प्रशासन में कार्यसंस्कृति को सकारात्मक दिशा देने वाली साबित होगी।

समय सीमा बैठक के दौरान अन्य अधिकारियों को भी यह संदेश दिया गया कि शासन की योजनाओं, हेल्पलाइन शिकायतों, जनकल्याणकारी प्रयासों और विकास कार्यों को केवल कागजों पर नहीं, बल्कि वास्तविक धरातल पर पूर्ण करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। और इस जिम्मेदारी को जो अधिकारी समयबद्ध और ईमानदारी से पूरा करेगा, वह निश्चित ही सम्मान और प्रोत्साहन का पात्र होगा।

इस पहल के बाद ज़िले के प्रशासनिक ढांचे में कार्य करने वाले कई कर्मचारियों ने इसे एक नई उम्मीद के रूप में देखा है। अधिकांश कर्मचारियों का मानना है कि जब कड़ी मेहनत और ईमानदारी से किए गए कार्य की सार्वजनिक सराहना होती है, तो यह न केवल कर्मचारी का मनोबल बढ़ाता है, बल्कि कार्य के प्रति समर्पण को भी कई गुना अधिक कर देता है।

कलेक्टर श्री संदीप जी आर की यह पहल प्रशासनिक व्यवस्था में एक सकारात्मक सोच और प्रेरणा का संदेश देती है। यह कदम न केवल कर्मचारियों को सम्मान देने का एक माध्यम है, बल्कि एक ऐसी परंपरा की शुरुआत भी है जो सच्चे मायनों में “अच्छे कार्य की सराहना” के सिद्धांत को व्यवहार में उतारती है। मोहिनी उपाध्याय जैसी कर्मठ अधिकारी इस संदेश का सजीव उदाहरण बनकर उभरी हैं, जो आने वाले समय में अनेक सरकारी कर्मियों को प्रेरणा देती रहेंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *