आजादी के अमृत महोत्सव और तिरंगा अभियान के तहत सागर जिले के बांदरी स्थित सांदीपनी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एक विशेष आयोजन हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने रचनात्मकता और देशभक्ति का अनूठा संगम प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के तहत विद्यालय परिसर में चित्रकला प्रतियोगिता और राखी निर्माण जैसी रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें प्राथमिक स्तर के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा और देशप्रेम का प्रदर्शन किया। बच्चों ने तिरंगे के तीन रंगों को केंद्र में रखते हुए भारत माता, स्वतंत्रता सेनानियों, और राष्ट्रीय प्रतीकों पर आधारित मनमोहक चित्र बनाए। उनके चित्रों में गांधी जी की लाठी, भगत सिंह की टोपी, अशोक चक्र की झलक और सुभाष चंद्र बोस का साहस साफ दिखाई दिया।

सिर्फ चित्रकला ही नहीं, बल्कि बच्चों ने रक्षाबंधन पर्व को भी देशभक्ति से जोड़ते हुए सुंदर और रंग-बिरंगी राखियों का निर्माण किया। इन राखियों में बच्चों ने तिरंगे के रंगों का उपयोग करते हुए “जय हिंद”, “मेरा भारत महान”, “वंदे मातरम” जैसे नारों को सजाया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि राष्ट्रप्रेम उनके हृदय में गहराई से अंकित है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकों ने बच्चों की कलात्मक प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों को न सिर्फ उनकी कला में निखार देती हैं, बल्कि उनमें राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और देश के प्रति कर्तव्यबोध की भावना भी उत्पन्न करती हैं।
प्रधानाचार्य ने कहा, “आज का आयोजन बच्चों के लिए केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति के भावों को जीवंत करने का अवसर था। चित्रकला और राखी निर्माण जैसी रचनात्मक गतिविधियाँ बच्चों के मन में देश के प्रति गर्व और सम्मान को गहराई से स्थापित करती हैं।”
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। विद्यालय प्रबंधन द्वारा यह भी बताया गया कि स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में इसी तरह की अन्य गतिविधियाँ भी आगामी दिनों में आयोजित की जाएंगी।
अमृत महोत्सव के इस आयोजन ने न केवल विद्यालय परिसर को देशभक्ति के रंगों से सराबोर किया, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि हमारे नन्हे बालक भी आजादी के महत्व को समझते हैं और उसमें अपनी भागीदारी निभाने को तत्पर हैं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी में राष्ट्र के प्रति संवेदनशीलता और जागरूकता को पंख मिलते हैं।