
रुद्राक्ष धाम बामोरा में 17 घंटे तक गूंजे भक्ति रस के स्वर, हंसराज रघुवंशी व वैशाली ने बांधा समां!
मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटैल ने भगवान श्रीकृष्ण का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन सोलह कलाओं का प्रतिबिम्ब था। हम उनके बताए मार्ग पर यदि एक भी कदम चल पाएं तो यह हमारे लिए बहुत बड़ी बात होगी। भगवान कृष्ण की कृपा सभी पर बनी रहे। उन्होंने कहा कि कृष्ण के जीवन से हमें अनेक संदेश मिलते हैं। अहंकार एक ऐसी चीज है जो हमें सही मार्ग पर चलने से रोकती है।

रुद्राक्ष धाम बामोरा में आयोजित श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह के मुख्य अतिथि श्री पटेल ने पूर्व गृहमंत्री एवं विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस भव्य और दिव्य आयोजन की परंपरा स्थापित की। उन्होंने युवा नेता श्री अविराज सिंह द्वारा प्रस्तुत वेंकटेश्वर स्त्रोत की सराहना करते हुए कहा कि आज सभी लोग भजन गायक हंसराज रघुवंशी को सुनने आए हैं, इसलिए वे अधिक समय नहीं लेंगे। उन्होंने कहा –
“सौ गालियां सुनने का सामर्थ्य जिसमें हो, उसे कृष्ण कहते हैं। जिसने मौत के सिर पर नृत्य किया हो, उसे कृष्ण कहते हैं। और जिसके पास समस्त सामर्थ्य होते हुए भी सुदामा से मित्रता करने की विनम्रता हो, वही कृष्ण है।”
उन्होंने कालियानाग प्रसंग का उल्लेख करते हुए अहंकार के त्याग का महत्व बताया और कहा कि कृष्ण ने दुर्योधन को न्याय-अन्याय का ज्ञान होते हुए भी उसकी प्रवृत्ति न होने का सच उजागर किया।

भूपेन्द्र सिंह का संदेश
समारोह में स्वागत वक्तव्य देते हुए पूर्व गृहमंत्री एवं विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने विषैले नाग पर नृत्य करके यमुना को स्वच्छ बनाकर जल संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने गोवर्धन पर्वत उठाकर पर्यावरण के महत्व और गौ संरक्षण की दिशा में मार्ग प्रशस्त किया।
उन्होंने कहा –
“जीवन हो या युद्ध, सफलता तीन शस्त्रों से मिलती है – धैर्य, धर्म और साहस।”
भूपेन्द्र सिंह ने इस अवसर पर अपने पिता स्व. श्री अमोल सिंह द्वारा मंदिर हेतु 25 एकड़ भूमि दान किए जाने को भी श्रद्धापूर्वक याद किया।


अविराज सिंह व अन्य नेताओं के विचार
युवा नेता श्री अविराज सिंह ने कहा कि श्रीकृष्ण ने धर्म की स्थापना और जनकल्याण के लिए जन्म लिया। अहंकार का अंत करना ही उनका संदेश था। उन्होंने युवाओं से श्रीमद्भागवत गीता पढ़ने का आह्वान किया।
वहीं सागर विधायक श्री शैलेन्द्र जैन ने भी कृष्ण भक्ति पर अपने विचार रखे।


भक्ति संगीत का महामहोत्सव
भक्ति संध्या में प्रख्यात गायक हंसराज रघुवंशी ने जय शिव शंकर हरिओम, शिव समा रहे मुझमें, अयोध्या आए मेरे प्यारे, गोविंदा गोपाला हरे कृष्ण हरे नंदलाला जैसे सुपरहिट भजनों से वातावरण गूंजा दिया।
इंडियन आइडल व सारेगामा फेम वैशाली रैकवार ने देवा श्री गणेशा, मच गया शोर सारी नगरी में, राधे राधे रटो चले आएंगे बिहारी सहित अनेक भजनों से श्रद्धालुओं को नृत्य करने पर मजबूर कर दिया।

17 घंटे तक चलता रहा आयोजन
सुबह 8 बजे उज्जैन के भस्म रमैया मंडल की प्रस्तुति से महोत्सव की शुरुआत हुई। इसके बाद राधे-राधे मंडल, मंडला सांस्कृतिक दल, खरगोन व अन्य कलाकारों ने रासलीला, मयूर नृत्य, फूलों की होली, बरेदी व कालवेलया नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दीं।
पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने स्वयं झांझर बजाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
आधी रात 12 बजे धूमधाम से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। रुद्राक्ष धाम का यह आयोजन लगातार 17 घंटे तक चला और हजारों श्रद्धालु इसमें शामिल हुए।

मंचासीन अतिथि
समारोह में महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी, विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, बंडा विधायक वीरेन्द्र सिंह लोधी, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री श्याम तिवारी, पूर्व सांसद श्री राजबहादुर सिंह, निगम अध्यक्ष श्री वृंदावन अहिरवार, पूर्व मंत्री श्री नारायण कबीरपंथी, कुरवाई के पूर्व विधायक श्री वीर सिंह पवार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री देवेन्द्र सिंह मंचासीन रहे।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती प्रीति सिंह राजपूत ने किया।