सागर, 5 दिसंबर 2024 – खुरई रोड स्थित भाग्योदय अस्पताल में गुरुवार शाम को एक अजीबोगरीब घटना घटी, जब अचानक से अस्पताल की छत की सीलिंग गिर गई और पूरे परिसर में धूल का गुबार फैल गया। इस कारण अस्पताल में मौजूद मरीजों और स्टाफ के बीच भगदड़ मच गई। हालांकि, इस घटना में किसी को चोट नहीं आई और प्रशासन ने इसे दुर्घटना मानते हुए स्थिति पर नियंत्रण पा लिया।

घटना का विवरण
गुरुवार को करीब 4 बजे अस्पताल के गेट के पास स्थित छत की सीलिंग अचानक गिरने से तेज आवाज आई और सफेद धुंआ सा फैल गया। धूल के गुबार ने पूरे अस्पताल परिसर को घेर लिया और इसके कारण वहां मौजूद लोग घबराए। आसपास मौजूद मरीज और स्टाफ ने घबराहट में इधर-उधर भागना शुरू कर दिया। गैलरी में बैठे कुछ मरीजों ने बताया कि यह घटना अचानक हुई, जब वे डॉक्टर के केबिन में जाने ही वाले थे।
महक साहू नामक एक मरीज ने बताया कि वह चेकअप के लिए डॉक्टर प्रियंका जैन के पास आई थी और गैलरी में बैठी थी, तभी तेज आवाज सुनाई दी और चारों ओर सफेद धुंआ फैल गया। इसके बाद भगदड़ मच गई और किसी को समझ नहीं आया कि क्या हुआ। हालांकि, समय के साथ स्थिति पर काबू पाया गया और अस्पताल प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी घायल नहीं हुआ।

अग्निशमन यंत्र की जांच के दौरान हादसा
घटना की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन मौके पर पहुंचा और स्थिति का आकलन किया। घटनास्थल पर पाया गया कि छत की सीलिंग गिरने से सफेद धुंआ फैलने का कारण अस्पताल में अग्निशमन यंत्र की जांच थी। अस्पताल के ट्रस्टी मुकेश जैन ढाना ने बताया कि अस्पताल में पहले भी आगजनी की घटनाओं को लेकर अग्निशमन यंत्रों की नियमित जांच की जाती रही है।
गुरुवार को भी अग्निशमन यंत्रों की जांच की जा रही थी। इस दौरान एक अग्निशमन यंत्र का नट अचानक खुल गया, जिससे उस यंत्र में भरा सफेद पाउडर बाहर आ गया। यह सफेद पाउडर पूरे अस्पताल परिसर में फैल गया, जिससे धूल का गुबार बन गया और लोगों को यह धुंआ सा महसूस हुआ। उन्होंने बताया कि यह कोई हादसा नहीं था, केवल अग्निशमन यंत्र के पाउडर के उड़ने से सफेद धुंआ फैला था, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।

अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया
अस्पताल प्रशासन ने घटना के तुरंत बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया और यह सुनिश्चित किया कि किसी भी मरीज या स्टाफ को कोई चोट नहीं आई है। अस्पताल के ट्रस्टी मुकेश जैन ढाना ने बताया कि घटनास्थल पर आने वाले अग्निशमन यंत्र के नट की जांच की गई और इस कारण हुई परेशानी के लिए माफी मांगी गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल एक दुर्घटना थी और अस्पताल में कोई अन्य प्रकार की घटना नहीं हुई है।
भाग्योदय अस्पताल में सीलिंग गिरने और सफेद धुंआ फैलने के बाद मची भगदड़ के बावजूद, यह घटना एक हादसा नहीं थी। अग्निशमन यंत्र की जांच करते समय अनजाने में सफेद पाउडर का उड़ना और छत की सीलिंग गिरने के कारण भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई थी। अस्पताल प्रशासन ने स्थिति पर तुरंत काबू पाया और किसी को भी चोट नहीं आने दी।