सागर जिले के खुरई देहात थाना क्षेत्र के ग्राम बनहट में पशुपालकों के लिए चिंता का विषय बन चुकी बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। पशुपालक रामस्वरूप रैकवार ने मंगलवार रात अपनी बकरियों को सुरक्षित स्थान पर बांधा था, लेकिन बुधवार सुबह जब उन्होंने बकरियों को दूध पिलाने के लिए बुलाया तो सभी गायब थीं। घटना की जानकारी मिलते ही रामस्वरूप ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चोरी की गई बकरियों की संख्या 42 और बकरों की संख्या 8 है। चोरी के दौरान चोरों ने दीवार तोड़कर बकरियों को ले जाने का रास्ता बनाया। घटनास्थल पर ट्रैक्टर-ट्रॉली के निशान भी मिले हैं, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि चोरों ने वाहन का इस्तेमाल करके पशुओं को लेकर फरार होने की योजना बनाई थी।

पीड़ित रामस्वरूप ने बताया कि घटना के समय वह घर में नहीं थे और उन्होंने बकरियों को सुरक्षित बांधकर रात भर वहीं छोड़ा था। सुबह जब उन्होंने पशुओं को देखने गए तो पाया कि बकरियां गायब हैं। इस बीच, चोरी गई बकरियों में से एक बकरी जंगल की तरफ से वापस लौट आई है, जबकि बाकी बकरियां अभी भी लापता हैं।
स्थानीय ग्रामीण इस घटना से बेहद चिंतित हैं। उनका कहना है कि इस तरह की चोरी न केवल आर्थिक नुकसान का कारण बनती है बल्कि पशुपालकों की सुरक्षा और उनके व्यवसाय पर भी असर डालती है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से अपील की है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाए और अपराधियों को सजा मिले।
खुरई देहात थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। घटनास्थल से मिले ट्रैक्टर-ट्रॉली के निशान, बकरियों के गायब होने की दिशा और आसपास के गांवों में पूछताछ के माध्यम से जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस आसपास के इलाकों में लगातार तलाश कर रही है और चोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दे रही है।
विशेष रूप से ध्यान देने वाली बात यह है कि चोरी के इस मामले में योजनाबद्ध तरीके से काम किया गया है। चोरों ने रात का इंतजार किया और फिर दीवार तोड़कर बकरियों को चोरी किया। इस तरह की घटनाएं पशुपालकों के लिए बहुत बड़ा आर्थिक और मानसिक झटका हैं।

पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि किसी ने संदिग्ध गतिविधि देखी है या किसी ट्रैक्टर-ट्रॉली के बारे में जानकारी है तो तुरंत थाने को सूचित करें। इसके अलावा, पुलिस ग्रामीणों को सुरक्षा उपाय अपनाने और अपने पशुओं की निगरानी बढ़ाने की सलाह भी दे रही है।
इस घटना से स्पष्ट है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चोरी का खतरा अभी भी बरकरार है और इसके लिए विशेष सतर्कता और प्रशासनिक सहयोग की आवश्यकता है। खुरई देहात थाना क्षेत्र में हुई इस चोरी ने न केवल रामस्वरूप रैकवार के परिवार को बल्कि पूरे इलाके के पशुपालकों को सतर्क कर दिया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और ग्रामीणों की सहयोगात्मक निगरानी से ही ऐसे अपराधों को रोका जा सकता है।