इंदौर में प्लास्टिक दाना फैक्ट्री में भीषण आग: काले धुएं से दहला इलाका, 7 दमकलें 4 घंटे से जुटीं ! के धार रोड स्थित एक प्लास्टिक दाना बनाने वाली फैक्ट्री में शनिवार सुबह भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी भयावह थी कि उसका काला धुआं कई किलोमीटर दूर तक दिखाई देता रहा। आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की सात गाड़ियां लगातार चार घंटे से मशक्कत कर रही हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास का क्षेत्र खाली करा लिया गया है।
जानकारी के अनुसार आग डीयू ड्रॉप एरिगेशन नामक फैक्ट्री में सुबह करीब 7 बजे लगी। देखते ही देखते आग ने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक दाना रखा हुआ था, जिसके कारण आग तेजी से फैलती चली गई।
कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया धुआं
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगने के कुछ ही मिनटों में फैक्ट्री से घना काला धुआं उठने लगा। धुएं का गुबार इतना अधिक था कि शहर के कई हिस्सों से इसे देखा गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी।

घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। हालांकि प्लास्टिक सामग्री होने के कारण आग पर नियंत्रण पाना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है।
आग बुझाने के लिए बुलाया गया फायर फाइटिंग रोबोट
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम ने आधुनिक फायर फाइटिंग रोबोट और पोकलेन मशीन भी मौके पर भेजी। फैक्ट्री के अंदर अत्यधिक गर्मी और धुएं के कारण दमकल कर्मियों के लिए अंदर जाना संभव नहीं हो पा रहा था।
इसलिए जेसीबी और पोकलेन मशीनों की मदद से टीन शेड और मलबा हटाकर अंदर तक पानी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
फायर अधिकारियों के अनुसार अब तक करीब 35 टैंकर पानी इस्तेमाल किया जा चुका है। आग पर नियंत्रण पाने के लिए फोम का भी उपयोग किया गया।
पानी की कमी बनी बड़ी चुनौती
Raja Ramanna Centre for Advanced Technology (RRCAT) के डिप्टी फायर ऑफिसर अजय कुमार ने बताया कि इलाके में पर्याप्त जल स्रोत उपलब्ध नहीं होने से परेशानी आ रही है।
उन्होंने कहा कि आग बहुत अधिक फैली हुई है और लगातार पानी की जरूरत पड़ रही है। इसके लिए दूसरे इलाकों से टैंकर बुलाकर दमकल वाहनों को रिफिल किया जा रहा है।
दमकल अधिकारियों का कहना है कि आग पर पूरी तरह काबू पाने में अभी दो से तीन घंटे और लग सकते हैं।
आसपास का इलाका कराया गया खाली
आग के फैलने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को खाली करा दिया है। फैक्ट्री के आसपास अन्य औद्योगिक इकाइयां भी मौजूद हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया था।
फैक्ट्री संचालक मोहम्मद जावेद कुरैशी ने बताया कि पास में दिलीप नामक व्यक्ति की हर्बल प्रोडक्ट फैक्ट्री भी स्थित है। सबसे बड़ी चिंता यही थी कि आग वहां तक न पहुंच जाए।

मौके पर पुलिस बल, नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
सौभाग्य से फैक्ट्री में मौजूद नहीं थे मजदूर
फैक्ट्री संचालक मोहम्मद जावेद कुरैशी के अनुसार शनिवार को अमावस्या होने के कारण फैक्ट्री में मजदूर काम पर नहीं आए थे। सामान्य दिनों में यहां करीब 30 से 35 मजदूर दिन और रात की शिफ्ट में काम करते हैं।
यदि मजदूर मौजूद होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन फैक्ट्री में रखा लाखों रुपए का सामान जलकर खाक होने की आशंका जताई जा रही है।
डीपी में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
फैक्ट्री संचालक ने प्राथमिक तौर पर बताया कि परिसर में लगी डीपी में शॉर्ट सर्किट होने के बाद आग भड़की। इसके बाद आग तेजी से फैक्ट्री में रखे प्लास्टिक दाने तक पहुंच गई और देखते ही देखते पूरी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया।
प्लास्टिक सामग्री अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण आग लगातार फैलती रही।
स्थानीय सरपंच जितेंद्र चौधरी ने बताया कि आग लगने की सूचना सुबह मिली थी। इसके बाद गांव के लोग भी मदद के लिए पहुंच गए। गांव वालों ने अपने ट्यूबवेल से पानी उपलब्ध कराया ताकि आग बुझाने में सहायता मिल सके।
निगम कमिश्नर भी पहुंचे मौके पर
घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम कमिश्नर Kshitij Singhal भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की।

कमिश्नर ने बताया कि निगम की फायर ब्रिगेड लगातार आग बुझाने में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि आग पर काबू पाने के लिए फोम का भी इस्तेमाल किया गया है और जल्द ही स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी।
उन्होंने फैक्ट्री संचालकों को भी आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम रखने की सलाह दी।
सांवेर रोड पर भी लगी आग
इसी दौरान Sanwer Road के एफ सेक्टर स्थित रुई के कतरन के एक गोदाम में भी आग लगने की सूचना मिली। वहां भी फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने में जुटी रही।
एक ही दिन में दो अलग-अलग स्थानों पर लगी आग ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
जांच के आदेश
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग का कारण माना जा रहा है, लेकिन तकनीकी जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
फिलहाल प्रशासन का पूरा फोकस आग पर काबू पाने और आसपास के इलाकों को सुरक्षित रखने पर है।