इंदौर में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त अभियान चलाकर बड़ा संदेश दिया है। ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई करते हुए ट्रैफिक पुलिस ने एक ही दिन में 118 चालान काटे और 72 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित कर दिए। यह कार्रवाई शहर के प्रमुख चौराहों पर सघन चेकिंग अभियान के दौरान की गई।
प्रमुख चौराहों पर सघन चेकिंग अभियान
शहर के व्यस्त चौराहों और मुख्य मार्गों पर पुलिस ने विशेष चेकिंग लगाई। इस दौरान दोपहिया और चारपहिया दोनों प्रकार के वाहनों की जांच की गई।
पुलिस का फोकस खास तौर पर उन चालकों पर रहा, जो वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करते या मैसेजिंग करते पाए गए। कई मामलों में चालक बिना किसी परवाह के ट्रैफिक के बीच मोबाइल इस्तेमाल करते नजर आए।

मोबाइल इस्तेमाल बना हादसों की बड़ी वजह
ट्रैफिक अधिकारियों का कहना है कि ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल सड़क हादसों की बड़ी वजह बनता जा रहा है।
राजेश कुमार त्रिपाठी के अनुसार, “मोबाइल पर बात करते समय चालक का ध्यान सड़क से हट जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। यह न सिर्फ खुद के लिए बल्कि अन्य राहगीरों के लिए भी खतरनाक है।”
गंभीर मामलों में लाइसेंस निलंबन
पुलिस ने सिर्फ चालान तक सीमित न रहकर कड़े कदम उठाए। जिन मामलों में उल्लंघन गंभीर पाया गया, उनमें सीधे लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की गई।
72 चालकों के लाइसेंस सस्पेंड करना इस बात का संकेत है कि प्रशासन अब ट्रैफिक नियमों को लेकर कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।
जागरूकता बढ़ाने के लिए सख्ती जरूरी
अधिकारियों का मानना है कि केवल जुर्माना लगाने से ही नहीं, बल्कि सख्त कार्रवाई से ही लोगों में डर और जागरूकता दोनों पैदा होंगे।
इस तरह के अभियान का उद्देश्य लोगों को नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना है, ताकि सड़क पर सभी की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
ट्रैफिक विभाग ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई एक दिन तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में भी इसी तरह सघन चेकिंग अभियान जारी रहेगा।
नियम तोड़ने वालों के खिलाफ लगातार सख्ती बरती जाएगी।
लोगों से अपील: ड्राइविंग के दौरान मोबाइल से दूरी रखें
पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग बिल्कुल न करें।
जरूरी कॉल के लिए वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोकें और उसके बाद ही मोबाइल का इस्तेमाल करें।
विशेषज्ञों की राय
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल फोन ड्राइविंग के दौरान सबसे बड़ा डिस्ट्रैक्शन है।
कुछ सेकंड का ध्यान भटकना भी जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी अपनाकर कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
इंदौर ट्रैफिक पुलिस की यह सख्ती साफ संकेत देती है कि अब नियमों की अनदेखी करना महंगा पड़ेगा।
अगर लोग समय रहते नहीं संभले, तो आगे और भी कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।