भोपाल के गुनगा इलाके में एक लापता कारोबारी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से सनसनी फैल गई। 13 दिन से लापता 40 वर्षीय देवेंद्र मेहरा की लाश बुधवार को एक पानी से भरे गड्ढे में बरामद हुई। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है, जबकि परिजनों ने इसे हत्या करार देते हुए करीबी रिश्तेदारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
देवेंद्र मेहरा, पिता देवेश मेहरा, लांबाखेड़ा इलाके में रहते थे और कोतवाली क्षेत्र की ललवानी प्रेस रोड पर उनकी लेडीज पर्स की दुकान थी। 17 अप्रैल की सुबह करीब 8:30 बजे वे घर से निकले थे और परिवार को बताया था कि वे गुटखा लेकर लौट रहे हैं। इसके बाद वे अचानक लापता हो गए। काफी तलाश के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला, जिसके चलते परिजनों ने ईंटखेड़ी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस जांच के दौरान देवेंद्र की आखिरी लोकेशन बैरसिया रोड स्थित धमर्रा इलाके में मिली थी। खास बात यह रही कि यह लोकेशन उनके ताऊ के खेत के आसपास की थी। बुधवार सुबह परिजन खुद उस खेत में तलाश करने पहुंचे, जहां एक गड्ढे में उन्हें शव दिखाई दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया।

शव काफी हद तक सड़-गल चुका था, जिससे पहचान करना मुश्किल हो रहा था। हालांकि कपड़ों, मोबाइल फोन और चप्पलों के आधार पर मृतक की पहचान देवेंद्र मेहरा के रूप में की गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
इस मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। उनका दावा है कि देवेंद्र की आखिरी फोन कॉल उसके करीबी रिश्तेदारों से हुई थी। कॉल डिटेल के अनुसार, अंतिम बातचीत मनोज मेहरा (ताऊ का बेटा), कालूराम (रिश्ते का भाई) और मीराबाई (रिश्ते की भाभी) से हुई थी।
मृतक के बड़े भाई नारायण मेहरा ने आरोप लगाया कि जिस खेत में शव मिला है, वह उनके बड़े पिता का है और मनोज मेहरा उसी परिवार से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि कॉल रिकॉर्ड से यह स्पष्ट होता है कि देवेंद्र की आखिरी बातचीत मनोज से हुई थी, लेकिन पूछताछ में उसने इस बात से इनकार कर दिया।

परिजनों का यह भी कहना है कि संदिग्ध तीनों रिश्तेदार घटना के बाद से न तो सामने आए और न ही अंतिम संस्कार में शामिल हुए, जिससे शक और गहरा गया है। उनका आरोप है कि इन्हीं लोगों ने मिलकर देवेंद्र की हत्या की और शव को गड्ढे में फेंक दिया।
फिलहाल पुलिस ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
यह मामला न केवल एक संदिग्ध मौत का है, बल्कि इसमें पारिवारिक रिश्तों के बीच अविश्वास और संभावित आपराधिक साजिश की भी आशंका जताई जा रही है।
अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि यह हादसा था या फिर सुनियोजित हत्या।