07 एम.पी. बालिका बटालियन एनसीसी, सागर के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय, सिरौंजा में आयोजित 10 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-167 इन दिनों अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और नेतृत्व क्षमता का प्रेरणादायी केंद्र बना हुआ है। 08 मई से 17 मई 2026 तक आयोजित इस विशेष शिविर में लगभग 450 बालिका कैडेट्स उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रही हैं। शिविर का संचालन कैम्प कमांडेट कर्नल Sujeet Deshmukh के नेतृत्व में किया जा रहा है।
यह प्रशिक्षण शिविर एनसीसी के ध्येय वाक्य “एकता और अनुशासन” को साकार करते हुए बालिका कैडेट्स को सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना से भी जोड़ रहा है। शिविर का उद्देश्य केवल सैन्य कौशल विकसित करना नहीं, बल्कि युवाओं को अनुशासित, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना भी है।

सैन्य प्रशिक्षण के साथ व्यक्तित्व विकास पर विशेष फोकस
शिविर के दौरान कैडेट्स को विभिन्न सैन्य गतिविधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें फायरिंग, ड्रिल, मैप रीडिंग, टेंट पिचिंग, पीटी एवं योगा, हेल्थ एंड हाइजीन, सोशल वर्क, आपदा प्रबंधन, बैटल क्राफ्ट और फील्ड क्राफ्ट जैसी गतिविधियां प्रमुख रूप से शामिल हैं।
कैडेट्स को सेना की कार्यप्रणाली और अनुशासन के अनुरूप प्रशिक्षण देकर उन्हें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करने के लिए तैयार किया जा रहा है। फायरिंग प्रशिक्षण के दौरान हथियार संचालन की तकनीकी जानकारी दी गई, वहीं मैप रीडिंग एवं फील्ड क्राफ्ट के माध्यम से रणनीतिक समझ विकसित करने का प्रयास किया गया।

योगा और पीटी सत्रों के जरिए कैडेट्स की शारीरिक क्षमता और मानसिक संतुलन को मजबूत बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। शिविर में नियमित दिनचर्या, समय पालन और सामूहिक जीवन शैली के माध्यम से अनुशासन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों से बढ़ा उत्साह
शिविर में केवल सैन्य प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी व्यापक आयोजन किया गया। कैडेट्स के बीच खो-खो, रस्साकसी और वॉलीबॉल जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इसके अलावा नृत्य और गायन प्रतियोगिताओं ने शिविर के वातावरण को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से कैडेट्स में आत्मविश्वास, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित की गई।

एनसीसी अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियां कैडेट्स के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं, क्योंकि इससे उनमें नेतृत्व क्षमता, सामूहिक सहयोग और मानसिक मजबूती विकसित होती है।
गणतंत्र दिवस परेड-2027 के लिए हुआ चयन
शिविर के दौरान एक महत्वपूर्ण गतिविधि के रूप में नई दिल्ली में आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड-2027 के लिए भी कैडेट्स का चयन किया गया। चयन प्रक्रिया में कैडेट्स के अनुशासन, शारीरिक दक्षता, परेड कौशल और नेतृत्व क्षमता का परीक्षण किया गया।
गणतंत्र दिवस परेड में चयनित होना प्रत्येक एनसीसी कैडेट का सपना होता है। ऐसे में इस चयन प्रक्रिया ने शिविर में मौजूद कैडेट्स के उत्साह को और अधिक बढ़ा दिया। अधिकारियों ने बताया कि चयनित कैडेट्स आगे विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी।
विशेषज्ञों ने दिए प्रेरणादायी व्याख्यान
शिविर में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को आमंत्रित कर कैडेट्स को जागरूकता और व्यवहारिक ज्ञान प्रदान किया गया।
सेवानिवृत्त संचालक उद्यानिकी विभाग Ravindra Chaube ने जल संरक्षण विषय पर व्याख्यान देते हुए जल संचयन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने घरेलू उपयोग के बाद बचने वाले बीज और गुठलियों से पौधे तैयार करने की उपयोगी तकनीकों की जानकारी देकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
मिलिट्री हॉस्पिटल सागर से आई लेफ्टिनेंट Anshika Tomar ने स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर आधारित सत्र में व्यक्तिगत स्वच्छता, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि अनुशासित जीवनशैली व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त बनाती है।
पॉक्सो एक्ट और महिला सुरक्षा पर जागरूकता
शिविर में महिला सुरक्षा और कानूनी जागरूकता को लेकर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए। Malti Patel ने पॉक्सो एक्ट तथा यौन उत्पीड़न से जुड़े कानूनी और सामाजिक पहलुओं की जानकारी देते हुए बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
वहीं प्रो. Shareek Khan ने महिला एवं बालिका सुरक्षा कानूनों तथा विभिन्न कानूनी धाराओं की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही सुरक्षा का सबसे बड़ा माध्यम है और युवाओं को कानूनों की सही जानकारी होना आवश्यक है।
आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण बना आकर्षण का केंद्र
डिजास्टर मैनेजमेंट विशेषज्ञ A.K. Singh ने कैडेट्स को फायर फाइटिंग और आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने अग्निशमन यंत्रों की कार्यप्रणाली का प्रदर्शन करते हुए बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में एनसीसी कैडेट्स समाज के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं, आगजनी और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने की तकनीकों की जानकारी भी दी। इस प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने व्यावहारिक रूप से अग्निशमन उपकरणों का उपयोग करना सीखा।
महार रेजीमेंट सेंटर भ्रमण बना यादगार अनुभव
इस शिविर की सबसे विशेष और प्रेरणादायी गतिविधियों में महार रेजीमेंट सेंटर का भ्रमण शामिल रहा। 07 एमपी बालिका बटालियन की कैडेट्स को पहली बार इस सैन्य संस्थान का भ्रमण करने का अवसर मिला, जिसने उनमें सेना के प्रति नया उत्साह और प्रेरणा जगाई।
भ्रमण के दौरान कैडेट्स ने विभिन्न प्रकार के इन्फेंट्री हथियारों को करीब से देखा और ड्रोन सिम्युलेटर पर संचालन का अनुभव प्राप्त किया। सेना के आधुनिक उपकरणों और तकनीकों को समझने का यह अवसर कैडेट्स के लिए बेहद रोमांचक रहा।
इसके बाद कैडेट्स ने महार रेजीमेंट सेंटर के संग्रहालय का भ्रमण किया, जहां उन्हें रेजीमेंट के गौरवशाली इतिहास और वीर सैनिकों की वीरगाथाओं से परिचित कराया गया। इस दौरान परमवीर चक्र विजेता Ramaswamy Parameswaran सहित कई वीर सैनिकों के जीवन संघर्ष और बलिदान की प्रेरणादायी कहानियां साझा की गईं।
कैडेट्स ने कहा कि एनसीसी के माध्यम से उन्हें अपने ही शहर की सेना इकाई को नजदीक से जानने और समझने का जो अवसर मिला, वह उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव है। उन्होंने बताया कि इस भ्रमण ने उनमें सेना में शामिल होकर देशसेवा करने की प्रेरणा को और मजबूत किया है।
राष्ट्र निर्माण की दिशा में सशक्त पहल
संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-167 केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवतियों को आत्मनिर्भर, अनुशासित और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित बनाने का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। शिविर में मिल रहा सैन्य प्रशिक्षण, सामाजिक जागरूकता और व्यक्तित्व विकास का समन्वय बालिका कैडेट्स के भविष्य को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है।
एनसीसी अधिकारियों का मानना है कि ऐसे शिविर युवाओं में देशभक्ति, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि यह शिविर बालिका कैडेट्स के लिए सीख, प्रेरणा और आत्मविश्वास का महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है।