सागर। सागर संभाग के कमिश्नर अनिल सुचारी ने बुधवार को बीना विकासखंड का औचक निरीक्षण कर विभिन्न विकास कार्यों, कृषि गतिविधियों और निर्माण परियोजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और लापरवाही पर सख्त नाराजगी भी जताई।
निरीक्षण की शुरुआत ग्राम पहलेजपुर से हुई, जहां कमिश्नर ने मूंग फसल का मौके पर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधे संवाद कर उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने और उत्पादन बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने और आधुनिक खेती की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद कमिश्नर ग्राम ऐरण पहुंचे, जहां उन्होंने पुरातात्विक धरोहर स्थल पर चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य, सड़क निर्माण और बीना नदी के घाट के विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

ग्राम पंचायत ऐरण में सरपंच अमान सिंह अहिरवार से चर्चा करते हुए कमिश्नर ने पंचायत स्तर पर संचालित विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने फार्मर आईडी, ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से खाद वितरण, चना, मसूर और गेहूं की स्लॉट बुकिंग एवं विक्रय की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सुनिश्चित करने को कहा कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हों।
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ग्राम गौहर स्थित यमुना वेयरहाउस पहुंचे, जहां कृषि साख सहकारी समिति मंडीबामोरा का निरीक्षण किया गया। उन्होंने समिति प्रबंधक को निर्देशित किया कि खरीदी केंद्र पर पर्याप्त बारदाना, तौल कांटा, सिलाई मशीन, हम्माल, पेयजल और छाया जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके पश्चात कमिश्नर ग्राम हींगटी पहुंचे, जहां उन्होंने सांदीपनि विद्यालय के भवन निर्माण कार्य का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता और धीमी प्रगति को लेकर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, अन्यथा संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

कमिश्नर के इस औचक निरीक्षण से प्रशासनिक अमले में हलचल देखी गई। उनके सख्त रुख से यह संकेत मिला कि शासन स्तर पर विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कुल मिलाकर, बीना विकासखंड में किए गए इस निरीक्षण के माध्यम से कमिश्नर ने न केवल विकास कार्यों की समीक्षा की, बल्कि किसानों और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास भी किया। यह पहल प्रशासन और आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।