सागर, 15 अप्रैल 2026। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों में बुंदेलखंड क्षेत्र की बेटियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। सागर जिले की सुरखी विधानसभा क्षेत्र से दो छात्राओं—सुरभि पटेल और प्रियांशी शुक्ला—ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश की मेरिट सूची में स्थान हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
बिलहरा गांव की प्रतिभाशाली छात्रा सुरभि पटेल ने 12वीं बोर्ड परीक्षा (गणित समूह) में 500 में से 486 अंक प्राप्त कर प्रदेश की मेरिट सूची में 7वां स्थान हासिल किया है। वहीं सरस्वती शिशु मंदिर, जैसीनगर की छात्रा प्रियांशी शुक्ला ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 500 में से 492 अंक प्राप्त कर प्रदेश में 8वां स्थान प्राप्त किया। दोनों छात्राओं की इस उपलब्धि से पूरे जिले में हर्ष और गौरव का माहौल है।
ग्रामीण परिवेश से निकलकर इतनी बड़ी सफलता हासिल करना अपने आप में एक प्रेरणादायक उदाहरण है। सीमित संसाधनों के बावजूद सुरभि और प्रियांशी ने यह सिद्ध कर दिया कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी बाधा सफलता के मार्ग में रुकावट नहीं बन सकती। उनकी इस उपलब्धि ने गांव-गांव में नई ऊर्जा और उम्मीद का संचार किया है।

दोनों बेटियों की सफलता पर प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विशेष रूप से प्रसन्नता व्यक्त की। भोपाल प्रवास पर होने के बावजूद उन्होंने सुरभि पटेल से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत कर उन्हें इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि “सुरभि और प्रियांशी की सफलता पूरे बुंदेलखंड के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित करेगी कि वे कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत और लगन से अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बेहतर प्रयास कर रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिल सकें।
सुरभि और प्रियांशी की इस उपलब्धि ने यह भी साबित किया है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। आज वे शिक्षा, खेल, विज्ञान और हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। उनकी सफलता बेटियों के सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत संदेश देती है।
स्थानीय लोगों, शिक्षकों और परिजनों ने दोनों छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी। विद्यालयों में भी उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और शिक्षकों ने इसे अपनी मेहनत का परिणाम बताया।
कुल मिलाकर, सुरभि पटेल और प्रियांशी शुक्ला की यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए गर्व और प्रेरणा का प्रतीक है। उनकी यह उपलब्धि यह संदेश देती है कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती, बल्कि उसे केवल सही दिशा और मेहनत की जरूरत होती है।