सागर। शासन के निर्देशानुसार आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने केसली विकासखंड का दौरा कर वृहद जनसुनवाई का आयोजन किया। इस जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन अपनी समस्याएं और मांगें लेकर पहुंचे, जहां कलेक्टर ने स्वयं उपस्थित रहकर न केवल शिकायतों को गंभीरता से सुना, बल्कि कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए समाधान सुनिश्चित किया।
जनसुनवाई के दौरान प्राप्त आवेदनों में मुख्य रूप से पेयजल, आवास, सड़क, भूमि विवाद, शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित रहने जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने इन सभी मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

पेयजल संकट को लेकर आए आवेदनों पर कलेक्टर ने विशेष ध्यान दिया। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां-जहां पेयजल आपूर्ति बाधित है, वहां तत्काल सुधार कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पानी की उपलब्धता सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में टैंकर के माध्यम से जल आपूर्ति और खराब हैंडपंपों की मरम्मत के लिए भी निर्देश दिए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लंबित प्रकरणों को लेकर भी कई शिकायतें प्राप्त हुईं। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को शीघ्रता से योजना का लाभ प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र व्यक्ति को आवास योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए और सभी लंबित मामलों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए।

शासकीय रास्तों पर अवैध कब्जे की शिकायतों को कलेक्टर ने गंभीरता से लेते हुए राजस्व विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक मार्गों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जल संसाधन विभाग से संबंधित मुद्दों पर भी कलेक्टर ने विस्तार से समीक्षा की। क्षेत्र में अधूरे पड़े जलाशय निर्माण कार्यों को लेकर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीकी बाधाओं की पहचान कर उन्हें शीघ्र दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं के विकास के लिए जलाशय अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना चाहिए।
जनसुनवाई के दौरान भू-अर्जन से जुड़े कई प्रकरण भी सामने आए, जिनमें मुआवजा वितरण में देरी और पारदर्शिता को लेकर शिकायतें थीं। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि अधिग्रहित भूमि के बदले मुआवजा वितरण पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए भूमि अधिग्रहण आवश्यक होता है, लेकिन इसमें प्रभावित व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा भी उतनी ही जरूरी है।

कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। जनहित की योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना ही शासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और जनसमस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता और तत्परता दिखाएं। साथ ही यह भी कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक के. वी., एसडीएम श्रीमती राजनंदिनी शर्मा, जनपद पंचायत सीईओ श्रीमती प्रतिष्ठा जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने कलेक्टर के निर्देशों का पालन करते हुए जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया।
केसली में आयोजित यह वृहद जनसुनवाई कार्यक्रम प्रशासन और जनता के बीच संवाद का एक सशक्त माध्यम साबित हुआ। इससे न केवल ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिला, बल्कि उनके समाधान की दिशा में तत्काल पहल भी सुनिश्चित हुई। यह पहल निश्चित रूप से सुशासन और जनसेवा के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।