छतरपुर जिले में अप्रैल के आखिरी दिनों में भीषण गर्मी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। सोमवार को खजुराहो में अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 10 वर्षों का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है। इस भीषण गर्मी के चलते पूरा जिला लू की चपेट में आ गया है और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
खजुराहो के अलावा जिले का नौगांव भी गर्मी के मामले में पीछे नहीं रहा, जहां तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इस तरह छतरपुर जिले के दो प्रमुख स्थान प्रदेश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल रहे। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह का तापमान इस सीजन में असामान्य रूप से अधिक है, जो आने वाले दिनों में और चुनौतियां पैदा कर सकता है।
सोमवार को सुबह से ही तेज धूप ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे। सुबह 9 बजे के बाद ही सड़कों पर गर्म हवाओं का असर साफ नजर आने लगा था। दोपहर होते-होते स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा छा गया। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे थे, जबकि अधिकांश लोग लू से बचने के लिए घरों में ही दुबके रहे।

लू के चलते खासतौर पर मजदूर वर्ग, किसान और खुले में काम करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। तेज गर्म हवाओं ने शरीर को झुलसा देने वाली स्थिति पैदा कर दी, जिससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। कई जगहों पर दोपहर के समय बाजार पूरी तरह सूने नजर आए।
दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी ने लोगों को राहत नहीं दी। न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक है। रात में भी गर्म हवाएं चलती रहीं, जिससे पंखे और कूलर भी ठंडी हवा देने में असमर्थ नजर आए। उमस और गर्मी के कारण लोगों की नींद प्रभावित हुई और पूरी रात बेचैनी बनी रही।
हालांकि शाम करीब 6 बजे के आसपास मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिला। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी भी हुई, जिससे थोड़ी देर के लिए राहत जरूर मिली। लेकिन यह राहत अस्थायी साबित हुई और तापमान में कोई खास गिरावट दर्ज नहीं की गई। बादलों की मौजूदगी के बावजूद बारिश को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
प्रदेश के अन्य शहरों में भी गर्मी का असर साफ नजर आया। भोपाल और ग्वालियर में 43.4 डिग्री, इंदौर में 42 डिग्री, उज्जैन में 42.4 डिग्री और जबलपुर में 42.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इससे स्पष्ट है कि पूरा मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है।
तेज गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। छोटे बच्चों को लू और हीट स्ट्रोक से बचाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। हालांकि बड़ी कक्षाओं के छात्रों के संबंध में अभी कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। तापमान इसी तरह ऊंचे स्तर पर बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और शरीर को ठंडा रखने के उपाय अपनाएं।
स्वास्थ्य विभाग ने भी चेतावनी दी है कि इस तरह की भीषण गर्मी में लू लगने और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, छतरपुर जिले में इस बार गर्मी ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। प्रशासन की ओर से उठाए गए कदम राहत देने वाले जरूर हैं, लेकिन यदि तापमान में जल्द गिरावट नहीं आती, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।