छतरपुर में फोरलेन निर्माण कंपनी के एक कर्मचारी के अपहरण और फिरौती मांगने के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली पुलिस ने 10 हजार रुपए के इनामी चार आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए अपहृत कर्मचारी को सुरक्षित मुक्त करा लिया है। आरोपियों ने कर्मचारी के बदले 50 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी और पीड़ित पक्ष से 10 लाख रुपए अपने बैंक खाते में ट्रांसफर भी करवा लिए थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अपहरण में इस्तेमाल की गई बोलेरो गाड़ी, एक देशी कट्टा, जिंदा कारतूस और पीड़ित की छीनी गई मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस ने बैंक खाते में जमा कराए गए 10 लाख रुपए भी फ्रीज करा दिए हैं।
कंपनी कार्यालय के बाहर से किया गया था अपहरण
यह घटना 13 मई की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार ग्राम मोरबा स्थित MKC Infrastructure Limited कंपनी के कार्यालय के गेट के पास से कर्मचारी रामखिलाड़ी शर्मा का अपहरण कर लिया गया था।

रामखिलाड़ी शर्मा मूल रूप से मुरैना जिले के निवासी हैं और कंपनी में कार्यरत थे।
घटना के बाद कंपनी के लायजनिंग अधिकारी Sanjay Lodhi ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण और बंधक बनाने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया।
पुलिस अधीक्षक ने घोषित किया था इनाम
घटना की गंभीरता को देखते हुए Rajat Saklecha ने आरोपियों की गिरफ्तारी और अपहृत कर्मचारी की सुरक्षित बरामदगी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।
इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कर मामले की जांच शुरू की।
जंगल में दबिश देकर छुड़ाया गया अपहृत
मामले की जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के ठिकाने की जानकारी मिली।
Aditya Patle और Arun Kumar Soni के निर्देशन में गठित पुलिस टीमों ने थाना सटई क्षेत्र के अमरोनिया जंगल में दबिश दी।
पुलिस ने जंगल से अपहृत रामखिलाड़ी शर्मा को सुरक्षित बरामद कर लिया। इसके बाद मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- भान सिंह यादव निवासी उजरा
- विशाल यादव निवासी बनियन मोहल्ला, बमीठा
- विकास यादव निवासी बनियन मोहल्ला, बमीठा
- अंकित यादव निवासी देरी रोड, छतरपुर

पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
बोलेरो, बाइक और हथियार बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अपहरण में इस्तेमाल की गई बोलेरो गाड़ी बरामद की है।
इसके अलावा पीड़ित कर्मचारी से छीनी गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई।
आरोपियों के पास से 315 बोर का एक देशी कट्टा और जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक बरामद वाहनों और अन्य सामग्री की कुल कीमत लगभग 14 लाख रुपए आंकी गई है।
50 लाख की मांगी थी फिरौती
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अपहृत कर्मचारी को बंधक बनाकर उसके बदले 50 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी।

आरोपियों ने पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाकर 10 लाख रुपए अपने बैंक खाते में ट्रांसफर भी करवा लिए थे।
हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते बैंक खाते में जमा राशि को फ्रीज करा दिया गया है।
सुनियोजित तरीके से रची गई थी साजिश
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में यह मामला सुनियोजित साजिश का प्रतीत हो रहा है।
आरोपियों ने पहले कर्मचारी की गतिविधियों की जानकारी जुटाई और फिर कंपनी कार्यालय के बाहर से उसका अपहरण किया।
अपहरण के बाद उसे जंगल क्षेत्र में ले जाकर बंधक बनाया गया था ताकि पुलिस आसानी से वहां तक न पहुंच सके।
इलाके में फैली सनसनी
दिनदहाड़े कंपनी कर्मचारी के अपहरण की घटना से इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।
विशेष रूप से फोरलेन और निर्माण परियोजनाओं में काम कर रहे कर्मचारियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई कर अपहृत को सुरक्षित छुड़ाए जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
पुलिस की कार्रवाई की सराहना
स्थानीय लोगों और कंपनी कर्मचारियों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है।
कम समय में आरोपियों को गिरफ्तार कर अपहृत कर्मचारी को सुरक्षित बरामद करना पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे भी जांच जारी रहेगी और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
संगठित अपराध पर नजर
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी किसी बड़े आपराधिक गिरोह से जुड़े हुए हैं या पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।
बैंक खातों, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपहरण और फिरौती जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे।