सागर जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी को लेकर प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर खरीदी केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।
इसी कड़ी में शनिवार को ग्राम छापरी स्थित खरीदी केंद्र का नायब तहसीलदार ज्ञानचंद राय ने निरीक्षण किया। यह केंद्र ओम स्व सहायता समूह द्वारा संचालित किया जा रहा है, जहां किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की जा रही है।
व्यवस्थाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार ने केंद्र पर किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने तौल व्यवस्था, भंडारण, उपज की गुणवत्ता जांच और पूरी खरीदी प्रक्रिया की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि खरीदी कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।

किसानों की सुविधा पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान किसानों के लिए मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। नायब तहसीलदार ने कहा कि केंद्र पर किसानों के बैठने के लिए पर्याप्त छाया की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
गुणवत्ता और तौल में पारदर्शिता जरूरी
अधिकारियों ने खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि गेहूं की गुणवत्ता जांच सही तरीके से की जाए और नमी मापन में कोई त्रुटि न हो। साथ ही तौल कांटों की शुद्धता की नियमित जांच की जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल सके।
इसके अलावा रिकॉर्ड संधारण को भी व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए, जिससे किसी भी समय खरीदी से संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके।
अब तक 2909 क्विंटल गेहूं की खरीदी
जानकारी के अनुसार, छापरी खरीदी केंद्र पर अब तक लगभग 2909 क्विंटल गेहूं की तुलाई की जा चुकी है। खरीदी प्रक्रिया लगातार जारी है और आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है।

प्रशासन की सतर्कता से बढ़ा भरोसा
जिले में इस तरह के लगातार निरीक्षणों से किसानों का भरोसा बढ़ा है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य मिले और खरीदी प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संपन्न हो।
छापरी खरीदी केंद्र का निरीक्षण यह दर्शाता है कि प्रशासन किसानों के हितों को लेकर गंभीर है। बेहतर व्यवस्थाएं, पारदर्शी प्रक्रिया और नियमित निगरानी से गेहूं खरीदी अभियान को सफल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले समय में भी ऐसे निरीक्षण किसानों को राहत देने और व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।