जल गंगा संवर्धन अभियान तेज: प्रतिभा पाल ने जल स्रोतों के पुनर्जीवन के दिए सख्त निर्देश !

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सागर। जिले में जल संरक्षण और जल स्रोतों के पुनर्जीवन को लेकर प्रशासन ने व्यापक अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के अंतर्गत सभी विभागों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि तालाब, कुएं, बावड़ियां और अन्य जल स्रोतों की साफ-सफाई के साथ उन्हें पुनर्जीवित करने का कार्य प्राथमिकता के साथ किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पानी बहुमूल्य है और इसे संरक्षित करने के लिए प्रभावी एवं दीर्घकालिक कदम उठाना जरूरी है।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शासन के निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए अभियान के निर्धारित उद्देश्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक व्यापक प्रयास है, जिसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। यदि इसे जनआंदोलन के रूप में संचालित किया जाए, तो इसके परिणाम अधिक प्रभावी और स्थायी होंगे।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जल संरक्षण केवल वर्तमान की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी जुड़ा हुआ विषय है। इसलिए हमें ऐसे प्रयास करने होंगे, जिससे भविष्य में भी जल स्रोत पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि वे वर्षा जल संचयन, जल संरचनाओं के संरक्षण और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाएं।

बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए जिम्मेदारियां स्पष्ट कीं। उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, वन, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कृषि, उद्यानिकी, पर्यावरण, महिला एवं बाल विकास, स्कूल एवं उच्च शिक्षा, राजस्व, जनसम्पर्क सहित कई विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन गंभीरता से करें, ताकि अभियान के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सके।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने विशेष रूप से स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में शुद्ध पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में पानी की टंकियों की नियमित सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसी प्रकार आंगनबाड़ी केंद्रों में भी स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा गया।

वन विभाग को निर्देशित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि जंगलों में वन्यजीवों के लिए पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि गर्मी के मौसम में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके अलावा उन्होंने चेक डैम और स्टॉप डैम के निर्माण और पुराने जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, जिससे वर्षा जल का अधिकतम संचयन किया जा सके।

कलेक्टर ने अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए विवेक के.वी. को नोडल अधिकारी नियुक्त किया। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करें कि अभियान की गतिविधियां प्रभावी ढंग से संचालित हों और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जाए।

कुल मिलाकर, ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के माध्यम से जिला प्रशासन जल संरक्षण को लेकर गंभीर और सक्रिय नजर आ रहा है। यदि इस अभियान में जनसहभागिता बढ़ती है, तो यह न केवल वर्तमान जल संकट को कम करेगा, बल्कि भविष्य के लिए भी मजबूत जल आधार तैयार करेगा।

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