दस्सीलाल हत्याकांड का खुलासा: बेटे को मारने आए थे बदमाश, पिता की गई जान; लूट की वारदात भी की !

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जबलपुर के तिलवारा थाना क्षेत्र के जोधपुर पड़ाव में हुए दस्सीलाल हत्याकांड का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो शातिर आरोपियों और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल किए गए चाकू, बिना नंबर प्लेट की बाइक और लूटा गया मोबाइल भी बरामद किया गया है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरी वारदात किसी पूर्व विवाद का नतीजा थी। आरोपी असल में मृतक के बेटे छोटू को निशाना बनाकर आए थे, लेकिन हमले के दौरान बीच-बचाव करने पर उसके पिता दस्सीलाल की जान चली गई। घटना के बाद आरोपियों ने एक और वारदात को अंजाम देते हुए गढ़ा रेलवे स्टेशन के पास एक युवक को चाकू मारकर उसका मोबाइल लूट लिया।

रात में घर पर हमला करने पहुंचे थे आरोपी

घटना 4-5 मई की रात करीब 2:30 बजे की है। जोधपुर पड़ाव निवासी दस्सीलाल अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार तीन बदमाश वहां पहुंचे और घर में घुसने की कोशिश करने लगे।

घर के बाहर निकली पत्नी ने विरोध किया तो आरोपियों ने धक्का-मुक्की की। शोर सुनकर दस्सीलाल और उनका बेटा छोटू बाहर आए। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने चाकू से हमला कर दिया, जिसमें दस्सीलाल गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

बेटे से पुराना विवाद बना वजह

पुलिस के अनुसार आरोपियों का मृतक के बेटे छोटू से पुराना विवाद था। उसी रंजिश के चलते वे बदला लेने की नीयत से पहुंचे थे। लेकिन अंधेरे और अफरा-तफरी के कारण हमला पिता पर हो गया।

घटना के बाद आरोपियों ने इलाके से भागते हुए गढ़ा रेलवे स्टेशन के पास एक और युवक को चाकू मारकर उसका मोबाइल छीन लिया।

पुलिस ने ऐसे किया खुलासा

पुलिस ने जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर तीनों आरोपियों की पहचान की। गिरफ्तार आरोपियों में शुभम पांडे (24), शरद बर्मन (21) और एक 17 वर्षीय नाबालिग शामिल है।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पुरानी रंजिश का बदला लेने पहुंचे थे और बाद में लूट की वारदात भी की।

हथियार और बाइक बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से दो चाइना बटनदार चाकू, बिना नंबर प्लेट की बाइक और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। वयस्क आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है।

यह मामला न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी बन गया, बल्कि इलाके में बढ़ते अपराध और बदले की भावना पर भी गंभीर सवाल खड़े कर गया है।

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