नाउखेड़ा में 108 कुंडीय लक्ष्मी-नारायण महायज्ञ की तैयारियां तेज, 20 से 27 मई तक होगा भव्य आयोजन !

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बीना। क्षेत्र के ग्राम नाउखेड़ा में विश्व शांति, सुख-समृद्धि और जनकल्याण की भावना के साथ ‘श्री 108 कुंडीय श्री लक्ष्मी-नारायण महायज्ञ’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। 20 मई से प्रारंभ होने वाला यह आठ दिवसीय धार्मिक आयोजन 27 मई तक चलेगा। लंबे समय बाद हो रहे इस विशाल यज्ञ को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का वातावरण बना हुआ है और हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

इस महायज्ञ को सफल बनाने के लिए आयोजन समिति और ग्रामीणों द्वारा जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं। यज्ञशाला निर्माण, श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन व्यवस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

महायज्ञ के प्रचार-प्रसार के लिए गांव के युवाओं ने अनोखी पहल करते हुए एक विशाल बाइक रैली निकाली। हाथों में धार्मिक ध्वज लेकर निकली यह रैली नाउखेड़ा से शुरू होकर बमोरी, महेरी, सेमरा गणपत, खिमलासा, पथरिया जेगन और जगराई सहित कई गांवों से होकर गुजरी। रैली के दौरान ग्रामीणों को पीले चावल देकर महायज्ञ में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया। इस आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक वातावरण को और भी प्रबल बना दिया है।

महायज्ञ के दौरान बुंदेलखंड के प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित विपिन बिहारी महाराज द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया जाएगा। उनके प्रवचनों को सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इसके साथ ही प्रतिदिन रात्रि में रामलीला का मंचन भी किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।

आयोजन की शुरुआत 20 मई को भव्य कलश एवं जल यात्रा के साथ होगी, जिसमें महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश लेकर शोभायात्रा में शामिल होंगी। 21 मई को पीठ निर्माण, देव आवाहन और कलश स्थापना की प्रक्रिया संपन्न होगी, जबकि 22 मई से अग्नि आवाहन के साथ हवन की विधि प्रारंभ हो जाएगी। 20 से 26 मई तक प्रतिदिन रामलीला का मंचन होगा, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल बना रहेगा।

26 मई को यज्ञ नारायण पूजन और भागवत कथा का विसर्जन किया जाएगा। इसके बाद 27 मई को विशाल सामूहिक भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के प्रसाद ग्रहण करने की व्यवस्था की जाएगी। इस दिन महायज्ञ का विधिवत समापन होगा।

आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस महायज्ञ का मुख्य उद्देश्य विश्व शांति, समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार और क्षेत्र की समृद्धि की कामना है। उन्होंने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस आयोजन में शामिल होकर आहुति दें और पुण्य लाभ अर्जित करें।

ग्रामीणों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का भी प्रतीक बनकर उभरेगा। नाउखेड़ा में होने वाला यह महायज्ञ क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और यादगार आयोजन बनने जा रहा है, जिसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई देगी।

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