निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण हेतु कलेक्टर संदीप जी आर के निर्देश !

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1. उद्देश्य और पृष्ठभूमि

  1. भारत निर्वाचन आयोग और कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी श्री संदीप जी आर के निर्देशानुसार 01.01.2026 अर्हता तिथि मानकर जिले में निर्वाचक नामावली का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) किया जा रहा है।
  2. इसका उद्देश्य है नामावली का वास्तविक सत्यापन, नए/हटाए जाने वाले नामों का सही समावेशन/हटाना, आवासों का सीरियल अंकन एवं डेटाबेस का अद्यतन, तथा चुनावीन आधार तैयार रखना।

2. कार्य क्षेत्र (Scope)

  • जिला-स्तरीय — सभी नगरीय निकाय (नगर निगम/नगर पालिका) तथा ग्राम/वार्ड।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवंटित सभी आवासों का विशेष ध्यान — प्रत्येक आवास पर आवास क्र., बिल्डिंग क्र. और ब्लॉक का स्पष्ट अंकन आवश्यक।
  • शिविर, डोर-टू-डोर सर्वे, बूथ स्तर पर सत्यापन और ऑनलाइन/ऑफलाइन डेटा एंट्री सम्मिलित।

3. प्रमुख निर्देश (High-level Instructions)

  1. उत्तरदायी अधिकारी: सभी संबंधित विभाग/संस्थाओं (मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, आयुक्त नगर पालिक निगम, परियोजना अधिकारी डूडा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी आदि) को कलेक्टर द्वारा निर्देशित किया गया है — वे अपने-अपने प्रशासनिक क्षेत्र में कुल समन्वय सुनिश्चित करेंगे।
  2. आवासों का अंकन: प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत दिए गए सभी आवासों पर आवास क्रमांक, बिल्डिंग क्रमांक और ब्लॉक का स्थायी, स्पष्ट और मौसम-प्रतिरोधी अंकन किया जाए। संबंधित अभिलेख (रजिस्टर/डेटाबेस) में इन्हें अद्यतन प्रविष्ट किया जाए।
  3. शिविर एवं सर्वे: प्रत्येक वार्ड/ग्राम में विशेष गहन पुनरीक्षण शिविर आयोजित किए जाएँ और बीएलओ व बूथ स्तर अधिकारी द्वारा डोर-टू-डोर सर्वे सुनिश्चित किया जाए।

4. जिम्मेदारियाँ (Roles & Responsibilities)

  • कलेक्टर/डीईओ (निर्वाचन अधिकारी): कुल निगरानी, प्रगति समीक्षा और समय-सीमा निर्धारित करना।
  • मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत: ग्रामीण क्षेत्रों में शिविरों का समन्वय, पंचायती राज संस्थाओं के साथ समन्वय।
  • आयुक्त/मुख्य नगर पालिका अधिकारी/परियोजना अधिकारी (डूडा): नगरीय क्षेत्रों में भवनों/आवासों के एन्क्रिप्शन, आवासों का अंकन और नगर स्तर पर जनसंपर्क।
  • बूथ लेवल अधिकारी (BLO): सर्वे का अंग्रेज़ी/हिन्दी में फील्ड कार्य, दस्तावेज़ सत्यापन, गणना पत्र वितरण/संग्रह, स्थानीय जागरूकता।
  • वार्ड प्रभारी/सेक्टर अधिकारी/सचिव/ग्राम रोजगार सहायक: शिविरों की व्यवस्था, लक्ष्यों की पूर्ति, स्थानीय हितग्राहियों की उपस्थिति सुनिश्चित करना।
  • IT/डेटा टीम: ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा एंट्री, बैकअप, रिपोर्टिंग और जीआईएस/लक्षित मानचित्र अद्यतन।

5. कार्यप्रणाली (Methodology)

  1. पूर्व-तैयारी
    • वार्ड/गांववार लिस्ट और बूथ-वार बीएलओ की फाइनल सूची तैयार की जाए।
    • मीडिया, पर्चे व लोक-प्रचार द्वारा जनता को पुनरीक्षण कार्यक्रम, तिथियाँ और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में सूचित करें।
  2. आवास/बिल्डिंग अंकन
    • प्रधानमंत्री आवास/अन्य आवास पर सुस्पष्ट आवास क्र., बिल्डिंग क्र., ब्लॉक अंकन कराना अनिवार्य। फोटो-प्रमाण के साथ सूची अपलोड करें।
  3. डोर-टू-डोर सर्वे
    • बीएलओ/बूथ टीम प्रतिदिन तय लक्ष्य पूरा करें; सर्वे के दौरान मतदान के अर्हता, पहचान पत्रों एवं निवास प्रमाण का सत्यापन।
  4. शिविर आयोजन
    • प्रत्येक ग्राम/वार्ड में कम-से-कम 1–2 दिन के शिविर; जिसमें नए नामांकन, नामातकरण, सही नाम, पते/विवरण में सुधार आदि हो सकें।
  5. गणना पत्र वितरण व संग्रह
    • घर-घर जाकर गणना पत्र वितरित कर आवश्यक जानकारी भरवाना और आवश्यक दस्तावेज की प्रतिलिपि लेना।
  6. डेटा एंट्री व सत्यापन
    • प्रांतीय/केंद्र पोर्टल पर त्वरित एंट्री; त्रुटि पाए जाने पर अनुवर्ती जांच।

6. आवश्यक दस्तावेज़ (Documents Required)

  • पहचान पत्र (आधार, चुनाव पहचान, पासपोर्ट आदि)
  • निवास प्रमाण (राशन कार्ड, बिजली बिल, बैंक स्टेटमेंट, मकान मालिक का प्रमाण पत्र आदि)
  • प्रधानमंत्री आवास आवंटन पत्र/आवेदन (यदि लागू)

7. शिविर व्यवस्थाएँ (Camp Logistics)

  • स्थान: विद्यालय/पंचायत भवन/कन्वेनशन हॉल/वार्ड कार्यालय
  • समय: सुबह 9:00 — शाम 5:00 (लंच ब्रेक सहित)
  • आवश्यक सामग्री: लैपटॉप/टैबलेट, प्रिंटर, डेटा कनेक्टिविटी, फोटोकॉपी मशीन, दस्तावेज फाइलिंग किट, पैन/कागज, पोस्टर।
  • सुरक्षा व शान्ति व्यवस्था हेतु स्थानीय पुलिस का समन्वय।

8. प्रशिक्षण और संवेदनशीलता

  • सभी बीएलओ, क्लर्क व बूथ अधिकारी हेतु एक दिवसीय/दो दिवसीय समेकित प्रशिक्षण शिविर — सर्वे प्रक्रिया, पोर्टल एंट्री, नागरिकों से संवाद, संवेदनशील मुद्दों का समाधान।

9. मॉनिटरिंग एवं रिपोर्टिंग

  • दैनिक/साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय को भेजी जाएगी।
  • प्रत्येक ब्लॉक/नगर के प्रगति संकेतक: शिविर संख्या, वितरित गणना पत्र, पूरा किए गए सर्वे, अंकित आवासों की संख्या, पेंड़िंग मामलों की सूची।
  • नियंत्रण कक्ष: जिला स्तरीय कंट्रोल रूम/हॉटलाइन नंबर जेनेरेट करें — जनता व अधिकारी दोनों के लिए।

10. शिकायत निवारण व गुणवत्ता नियंत्रण

  • प्रत्येक शिविर/बीएलओ के पास शिकायत फाइल रखने व निपटान की समय-सीमा (7 कार्य दिवस) तय रहेगी।
  • किसी भी विवादित/नामपरक प्रकरण के लिये क्षेत्रीय समन्वयक/जिला निर्वाचन अधिकारी का निर्णयमंडल गठित।

11. समय-सीमा (Suggested Timeline)

  1. त्वरित सूचना-प्रचार — 3 दिन।
  2. आवास अंकन कार्य — 7–10 दिन (नगर/ब्लॉक अनुसार)।
  3. बीएलओ प्रशिक्षण — 2–3 दिन।
  4. डोर-टू-डोर सर्वे व शिविर — 15–30 दिन (क्षेत्र के आकार के अनुसार)।
  5. डेटा एंट्री व समापन रिपोर्ट — 7 दिन।

(उपरोक्त समय-रेखा को कलेक्टर कार्यालय द्वारा समायोजित कर अंतिम रूप दिया जाएगा।)


12. अंतिम निर्देश

  • समस्त सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।
  • आवासों का अंकन बिना विलंब पूर्ण करें तथा फोटो-साक्ष्य देना अनिवार्य है।
  • बीएलओ सक्रिय, पारदर्शी व नागरिकों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित करें।
  • किसी भी अड़चन/विशेष समस्या पर तत्काल जिला कंट्रोल रूम को सूचित करें।

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