सागर में आयोजित “पर्पल फेयर 2025” सम्मेलन में जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक के.वी. ने कहा कि दिव्यांगजन के सशक्तिकरण एवं उनके सम्मानजनक जीवन के लिए सरकार पूरी तरह संकल्पित और प्रतिबद्ध है। राज्य और केंद्र सरकार लगातार ऐसे कार्यक्रम चला रही हैं जिनसे दिव्यांग व्यक्तियों को आत्मनिर्भर और समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

यह आयोजन समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र (सी.आर.सी.) भोपाल द्वारा महाकवि पद्माकर सभागार सागर में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्य मंच पर सामाजिक न्याय विभाग के उपसंचालक डॉ. धन सिंह यादव, प्रभारी निदेशक डॉ. प्रतीक कुमार, डॉ. इंद्रभूषण कुमार और डॉ. के.के. वर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
अपने उद्बोधन में श्री विवेक के.वी. ने कहा कि दिव्यांग जनों के जीवन को सुविधाजनक और सम्मानजनक बनाने के लिए केंद्र सरकार ने “सुगम भारत मिशन – 2.0” की शुरुआत की है। इस योजना के तहत देशभर के सरकारी भवनों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और शैक्षणिक संस्थानों को दिव्यांग-अनुकूल (Accessible) बनाया जाएगा। अगले दो वर्षों में 1,000 से अधिक सार्वजनिक स्थलों को व्हीलचेयर-अनुकूल बनाया जाएगा।

इसके अलावा सरकार विशेष छात्रवृत्ति, डिजिटल लर्निंग टूल्स, स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम और निजी क्षेत्र में दिव्यांगजनों की भर्ती को प्रोत्साहित करने के लिए टैक्स में छूट जैसी योजनाएं शुरू कर रही है।
“पर्पल फेयर” के दौरान दिव्यांगजन अपनी कला, हस्तशिल्प, उत्पाद और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मेले का उद्देश्य यह संदेश देना है कि दिव्यांगता कमजोरी नहीं, बल्कि एक विशेष क्षमता (Special Ability) है। यह आयोजन समाज में समावेशिता (Inclusive Society) को बढ़ावा देता है, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान मिले।

“पर्पल फेयर” नाम का चयन इसलिए किया गया है क्योंकि “पर्पल रंग” गरिमा, आत्मविश्वास और प्रेरणा का प्रतीक है। यह मेला समाज को यह सोचने पर प्रेरित करता है कि दिव्यांगजन हमारे समाज के अभिन्न अंग हैं, और जब उन्हें अवसर मिलता है, तो वे असंभव को भी संभव कर दिखाते हैं।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री विवेक के.वी. ने दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए और दिव्यांगजनों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उन्होंने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण और समानता की भावना को मजबूत बनाते हैं।