सागर,
सागर जिले के बंडा नगर परिषद में एक पार्षद के साथ अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। वार्ड क्रमांक-2 के पार्षद प्रभुदयाल राठौर ने आरोप लगाया है कि 7 साल से लंबित टेंडर भुगतान को लेकर दिए गए लीगल नोटिस के बाद यह पूरा विवाद शुरू हुआ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पार्षद प्रभुदयाल राठौर, जो पेशे से ठेकेदार भी हैं, ने नगर परिषद द्वारा किए गए कार्य का भुगतान लंबे समय से लंबित होने के कारण 2 अप्रैल को मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को लीगल नोटिस दिया था। उसी दिन दोपहर करीब 12:30 बजे वे सामान्य रूप से नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और उपयंत्री कक्ष में नाली निर्माण कार्य से संबंधित जानकारी लेने के बाद CMO के चैंबर में पहुंचे।
शिकायत के मुताबिक, जैसे ही CMO ने लीगल नोटिस पढ़ा, वे आक्रोशित हो गए। पार्षद का आरोप है कि CMO ने नोटिस पर टिप्पणी लिखते हुए ऊंची आवाज में बात करना शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए जब पार्षद ने अपने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की, तो मामला और बिगड़ गया। आरोप है कि CMO चैंबर से बाहर आए और पार्षद के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए हाथापाई और धक्का-मुक्की की, जिससे उनका मोबाइल जमीन पर गिर गया।

घटना यहीं नहीं रुकी। पार्षद के अनुसार, उसी दिन दोपहर करीब 3:30 बजे CMO थाना से लौटकर पुनः नगर परिषद कार्यालय पहुंचे, जहां उनके साथ कुछ अन्य लोग भी थे। आरोप है कि इनमें से एक व्यक्ति, जिसने खुद को CMO का रिश्तेदार बताया, ने पार्षद के साथ गालीगलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इस घटना से पार्षद और उनके समर्थकों में आक्रोश फैल गया।
पार्षद प्रभुदयाल राठौर ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत बंडा थाने में दर्ज कराई थी। हालांकि, पुलिस ने तत्काल कार्रवाई नहीं करते हुए मामले की जांच शुरू की। करीब एक महीने की जांच के बाद अब पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अजितराज उर्फ राजा मसीह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 296 (बी) और 351 (2) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला न केवल एक जनप्रतिनिधि के साथ हुए दुर्व्यवहार को उजागर करता है, बल्कि लंबे समय से लंबित भुगतान और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी की समस्या को भी सामने लाता है। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और लोग निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के बाद अब सभी की नजरें जांच के नतीजों पर टिकी हैं।