बीना नदी परियोजना को मिली रफ्तार !

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सागर। खुरई विधानसभा क्षेत्र के विकास और सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना के शेष कार्यों के लिए 491.9 करोड़ रुपए की निविदा जारी कर दी गई है। यह महत्वपूर्ण पहल डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप की गई है, जो उन्होंने पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह की मांग पर 10 नवंबर 2025 को खुरई में आयोजित आमसभा के दौरान की थी।

इस परियोजना के अंतर्गत लंबे समय से लंबित कार्यों को अब गति मिलने जा रही है, जिससे क्षेत्र के हजारों किसानों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। बीना नदी परियोजना को खुरई क्षेत्र की ‘जीवनरेखा’ माना जाता है, क्योंकि इसके माध्यम से लगभग 6 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होती है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री द्वारा प्रारंभ में इस परियोजना के लिए 429 करोड़ रुपए की घोषणा की गई थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 491.9 करोड़ रुपए कर दिया गया है। यानी लगभग 60 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि स्वीकृत कर परियोजना को और अधिक व्यापक रूप देने का प्रयास किया गया है। इस संबंध में सीएम हाउस के एमआईएस पोर्टल पर जानकारी अपडेट कर दी गई है, जिससे स्पष्ट है कि सरकार इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करना चाहती है।

परियोजना के तहत बीना नदी के सहायक देहरा नाले पर देहरा बांध तथा धसान नदी पर सेमराघाट डायवर्सन वियर का निर्माण कार्य शामिल है। इन दोनों संरचनाओं के माध्यम से जल संग्रहण, वितरण और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। वर्तमान में इन कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है, जिससे जल्द ही निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि क्षेत्र में जल संकट की समस्या का भी स्थायी समाधान मिल सकेगा। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था बेहतर होने से आम जनता को भी राहत मिलेगी।

वहीं दूसरी ओर, उल्दन बांध परियोजना के निर्माण कार्य में भी तेजी देखने को मिल रही है। अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है और इसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह परियोजना मालथौन और बंडा ब्लॉक के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके माध्यम से लगभग 80 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

उल्दन बांध परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में जल प्रबंधन की स्थिति में व्यापक सुधार आएगा। किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा, जिससे फसल उत्पादन में वृद्धि होगी और कृषि पर निर्भर परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। इसके अलावा, जल स्तर में सुधार होने से पर्यावरणीय संतुलन भी बना रहेगा।

पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने इन परियोजनाओं को लेकर लगातार प्रयास किए हैं। उन्होंने कई बार सरकार के समक्ष क्षेत्र की जल समस्याओं और सिंचाई की जरूरतों को प्रमुखता से उठाया। उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप ही मुख्यमंत्री द्वारा इन परियोजनाओं के लिए बड़ी राशि स्वीकृत की गई और अब कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर यह माना जा रहा है कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से खुरई विधानसभा क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। यह न केवल कृषि क्षेत्र को मजबूती देगा, बल्कि उद्योग और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बहुउद्देशीय परियोजनाएं केवल सिंचाई तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि ये पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जल संसाधनों का समुचित उपयोग होने से रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन की समस्या भी कम होती है।

सरकार की ओर से इन परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और अधिकारियों को समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम हाउस के एमआईएस पोर्टल पर जानकारी अपडेट किए जाने से यह भी स्पष्ट है कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी साधनों का उपयोग किया जा रहा है।

कुल मिलाकर, बीना नदी परियोजना के लिए 491 करोड़ रुपए की निविदा जारी होना और उल्दन बांध परियोजना का तेजी से पूर्णता की ओर बढ़ना खुरई क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं के परिणाम स्वरूप क्षेत्र में जल संकट से राहत, कृषि विकास और समग्र प्रगति की नई दिशा देखने को मिलेगी।

इस पहल से यह भी स्पष्ट होता है कि सरकार ग्रामीण और कृषि आधारित क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दे रही है और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। यदि निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्य पूर्ण हो जाता है, तो यह परियोजनाएं खुरई क्षेत्र की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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